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दुनिया

अमेरिका में लोकप्रिय यूरोपीय हथियार

अमेरिका में हर अंधाधुंध गोलीबारी के बाद यूरोप में अमेरिकी हथियार संस्कृति की जोरदार आलोचना होती है. लेकिन यूरोपीय हथियार उत्पादकों को अमेरिका में अपने हथियार बेचने में कोई शर्मिंदगी नहीं होती.

यह बात खुलकर नहीं बोली जाती लेकिन अमेरिका में होने वाली गोलीबारी की घटनाओं में यूरोपीय हथियारों की लंबे समय से भूमिका रही है. अमेरिका की हथियार लॉबी नेशनल राइफल एसोसिएशन एनआरए को चंदा देने वालों में यूरोपीय हथियार उत्पादक प्रमुख हैं. दिसंबर 2012 में जिस हत्यारे ने न्यूटॉउन में एक बेसिक स्कूल पर हमला कर 20 बच्चों और 8 वयस्कों को मारा वह ऑस्ट्रियन ग्लॉक और जर्मन सिग जावर पिस्तौलों से लैस था.

पिछले साल जुलाई में कोलोरैडो के ऑरोरा में हुए हत्याकांड में भी ग्लॉक हथियार का इस्तेमाल हुआ था. 11 लोगों की जान गई थी. अमेरिकी राजनीतिज्ञ गाब्रिएले गिफर्ड्स पर एरीजोना में जनवरी 2011 में हमला किया गया था. ऑस्ट्रिया के हथियार निर्माता के सेमी ऑटोमैटिक पिस्तौल से हुए उस हमले में छह लोग मारे गए थे. गाब्रिएले गिफर्ड्स गंभीर रूप से घायल हो गई थीं.

लोकप्रिय हथियार

न्यूयॉर्क के बिंगहैम्प्टन में 2009 में हुए हमले में इटली की बेरेटा कंपनी के दो पिस्तौलों का इस्तेमाल कर 11 लोगों को मार डाला गया था. 2007 में बर्जिनिया टेक यूनिवर्सिटी में भी एक हमला हुआ था जो एक व्यक्ति द्वारा किया गया सबसे बड़ा हत्याकांड था. उसमें भी यूरोपीय हथियारों का इस्तेमाल हुआ था. अपराधी ने 32 लोगों को मार कर खुद की हत्या कर ली थी. उसने जर्मन पिस्तौल वाल्थर और ऑस्ट्रियन ग्लॉक का इस्तेमाल किया था. सूची लंबी है. हर हथियार वैध रूप से खरीदा गया था.

असैनिक हथियार बाजार के ताजा आंकड़ों के अनुसार 2010 में अमेरिका में बिके पिस्तौल यूरोपीय कंपनियों के थे. यह कहना है ओस्लो के अंतरराष्ट्रीय शांति शोध संस्थान प्रियो के निकोलास मार्श का. अधिकारियों के अनुसार निजी हाथों वाले 80 लाख हथियारों में इसका हिस्सा 20 लाख है. अमेरिका के सिविल हथियार बाजार में यूरोप हथियारों का सबसे बड़ा निर्यातक है. उसके बहुत बाद एशिया और लैटिन अमेरिका की कंपनियां हैं.

Waffe Glock

ऑस्ट्रियन ग्लॉक

यूरोप के एक दर्जन से ज्यादा देश हथियारों का अमेरिका को निर्यात करते हैं ताकि उन्हें आम लोगों को बेचा जा सके. सबसे बड़ा निर्यात ऑस्ट्रिया से होता है. 2010 में ऑस्ट्रिया से 434,374 हैंडगनों का निर्यात हुआ. इटली ने 285,000 गन बेचे तो जर्मनी ने 266,688 गन बेचे. ग्लॉक, बेरेटा और सिग जावर जैसे निर्माता सीधे अमेरिका में अपने उपक्रमों के माध्यम से भी हथियार बनाते हैं.

अमेरिकी बाजार पर निर्भरता

अमेरिकी बाजार बहुत फायदेमंद है. नेशनल शूटिंग स्पोर्ट्स फाउंडेशन के अनुसार अमेरिका का सिविल हथियार बाजार सालाना 3 अरब डॉलर का है. निकोलस मार्श का कहना है कि यूरोपीय कंपनियों के लिए अमेरिका में अपने हथियार बेचना बहुत महत्वपूर्ण है. सबसे अहम उदाहरण क्रोएशिया का है जो अमेरिकी निजी हथियार बाजार में हथियार बेचने वालों यूरोपीय देशों में में चौथे स्थान पर है. अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार 2010 में उसने 239,021 हथियार बेचे जिनमें से ज्यादातर एचएस प्रोडक्ट कंपनी के थे. मार्श के अनुसार यह क्रोएशिया के हथियार निर्यात का 98 फीसदी था.

फायदेमंद कारोबार में कुछ सरकारी कंपनियां भी पीछे नहीं रहना चाहतीं. बेल्जियम की कंपनी हेर्स्टाल ग्रुप 15 साल से सौ फीसदी वालोनिया क्षेत्र की मिल्कियत में है. वह नामी अमेरिकी ब्रांड ब्राउनिंग की मदर कंपनी है. ब्रसेल्स के फ्लेमिश शांति संस्थान के निल्स डुकेट कहते हैं कि कड़े हथियार कानून हैर्स्टाल ग्रुप के सौदों को नुकसान ही पहुंचाएंगे. निकोलास मार्श का कहना है कि यदि अमेरिकी नागरिक हथियार खरीदना बंद कर दें तो अधिकांश यूरोपीय कंपनियां वित्तीय संकट का शिकार हो जाएंगी. हालांकि यह नहीं होगा, लेकिन ओबामा के सुधारों का हथियारों की बिक्री पर असर जरूर पड़ेगा.

Infografik Rüstungsexporte aus Deutschland 2011 Weltweit Englisch

जर्मनी का निर्यात

हथियार लॉबी को करोड़ों

ताकि ऐसा न हो यूरोप के हथियार निर्माता वही कर रहे हैं जो उनके अमेरिकी साथी कर रहे हैं. वे कड़े हथियार कानून के खिलाफ हथियार लॉबी एनआरए के संघर्ष का समर्थन कर रहे हैं. अप्रैल 2012 में एनआरए के वार्षिक सम्मेलन के दौरान बड़ा चंदा देने वालों का सम्मान किया गया. सूची में यूरोपीय उत्पादकों के बड़े बड़े नाम शामिल थे. हथियारों पर नियंत्रण की मांग करने वाली संस्था वॉयलेंस पॉलिसी सेंटर के अनुसार बेरेटा 49 लाख डॉलर के साथ पहले स्थान पर था. उसके बाद ग्लॉक यूएसए और जर्मनी का ब्लाजर यूएसए ढाई लाख से पांच लाख डॉलर के चंदों के साथ.

इस मुद्दे पर न तो वालोनिया की क्षेत्रीय सरकार और न ही कोई दूसरी बड़ी हथियार कंपनी डॉयचे वेले से बात करने को तैयार थी. मार्श और डुकेट का कहना है कि यह उनकी रणनीति का हिस्सा है. सार्वजनिक रूप से वे चुप्पी साधे रहते हैं लेकिन अमेरिका में सभी लॉबी ग्रुपों के साथ उनके रिश्ते हैं जो कानून की प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं. सभी अपना हथियार बेचना चाहते हैं. डुकेट का कहना  है कि कानून जितने ढीले होंगे वे उतनी आसानी से अपना उत्पाद बेच पाएंगे.

हथियार विशेषज्ञों के इस पर कोई आश्चर्य नहीं है. लेकिन मार्श और डुकेट यूरोपीय लोगों की दुहरी नैतिकता की आलोचना करते हैं. मार्श कहते हैं, "यह चकित करने वाली बात है कि यूरोपीय अपने समाज को अमेरिका की तुलना में शांतिपूर्ण और कम हिंसक बताते हैं." पिछले महीनों में बहुत से लोगों ने अमेरिका को यूरोप जैसा कानून बनाने का सुझाव दिया है. लेकिन साथ ही यूरोपीय हथियार निर्माता अमेरिका में अच्छा कारोबार कर रहे हैं. "ये कंपनियां अपने आय पर कर देती हैं, सरकार निर्यातों की अनुमति देती है."

सारे हथियार विशेषज्ञ इस पर एकमत हैं कि अब यूरोपीय हथियारों के निर्यात पर खुली बहस का समय आ गया है. सबसे पहले लोगों में इस बात के लिए जागरुकता पैदा करनी होगी कि यूरोपीय हथियार उत्पादन और अमेरिकी सिविल हथियार बाजार के बीच संबंध है. इस पर शायद ही कभी चर्चा होती है. मार्श कहते हैं, "उसके बाद यह सोचना होगा कि अमेरिकी बाजार में बिनी किसी लगाम के हथियार बेचना क्या अच्छी बात है."

रिपोर्ट: मिषाएल क्निग्गे/एमजे

संपादन: ए जमाल

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