1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

दुनिया

अमेरिका में भारतीय की हत्या के नस्लीय घृणा से प्रेरित होने का शक

अमेरिका के कैंसस प्रांत में एक पूर्व अमेरिकी नौसैनिक पर एक भारतीय इंजीनियर की हत्या का आरोप लगा है. अमेरिकी जांच एजेंसियां इसे नस्लीय घृणा से प्रेरित हमला मानकर तहकीकात कर रही हैं.

51 साल के एडम पुरिन्टन को हत्या का आरोपी माना जा रहा है. यह घटना जॉन्सन काउंटी के ऑस्टिन बार एंड ग्रिल में घटी. आरोपी पर जान बूझकर एक फर्स्ट डिग्री मर्डर करने और दो अन्य ऐसी ही हत्याओं के प्रयास का दोष तय हुआ है.

इस पूर्व अमेरिकी नौसैनिक पर 32 साल के एक भारतीय इंजीनियर श्रीनिवास कुचिभोटला को जान से मार डालने का आरोप है. घटना स्थल पर मौजूद एक चश्मदीद ने कैंसस सिटी प्रशासन को बताया है कि वह हमलावर भारतीयों को गोली मारने से पहले चीखा था कि "मेरे देश से बाहर निकलो". इसी गोलीबारी में एक भारतीय और एक 24 साल का अमेरिकी इयान ग्रिलॉट भी घायल हुए. अमेरिकी युवक ने बीच बचाव या किसी तरह मामले में हस्तक्षेप की कोशिश की थी.

Indien Sushma Swaraj (picture alliance/AP Photo/G. Amarasinghe)

सुषमा स्वराज, केंद्रीय विदेश मंत्री, भारत सरकार

हूस्टन में भारतीय कॉन्सुलेट के दो अधिकारी कैंसस पहुंच कर घायल भारतीय को देखने जाएंगे और पुलिस से घटना से जुड़ी "और जानकारियों की पुष्टि करने और आगे के कदमों पर नजर रखने" के लिए मिलेंगे. यह जानकारी भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने दी है. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने एक ट्वीट में लिखा है, "मुझे कैंसस की गोलीबारी वाली घटना से झटका लगा है, जिसमें श्रीनिवास कुचिभोटला की जान चली गई. शोकसंतप्त परिवार को मेरी ओर से हार्दिक संवेदना." मृतक के पार्थिव शरीर को भारत लाया जा रहा है.

नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास ने इस हमले की निंदा की है. दूतावास की ओर से जारी बयान में मेरी के कार्लसन ने कहा, "अमेरिका आप्रवासियों का देश है और विश्व भर से लोगों के वहां घूमने जाने, काम करने, पढ़ाई करने और रहने के लिए स्वागत करता है." उन्होंने भरोसा दिलाया कि "अमेरिकी प्रशासन इसकी बारीकी से जांच करेगा और दोषी को सजा दिलाएगा."

एफबीआई इस बात की जांच कर रही है कि क्या वाकई यह घटना एक घृणा अपराध थी. एफबीआई के कैंसस सिटी फील्ड ऑफिस के स्पेशल एजेंट एरिक जैक्सन ने बताया, "हम पता लगा रहे हैं कि क्या यह अपराध किसी तरह के पूर्वाग्रह से प्रेरित था. फिलहाल शुरुआत में हम हर पक्ष पर नजर डाल रहे हैं."

कुचिभोटला और माडासानी दोनों भारतीय इंजीनियर अमेरिकी कंपनी गारमिन में काम करते थे. माडासानी को घायल अवस्था में अस्पताल ले जाया गया था और अब उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई है. चश्मदीदों के मुताबिक गोली मारने के बाद संदिग्ध उस बार से भाग गया था. लेकिन पांच घंटे में ही पुलिस ने उसे धर दबोचा. आरोपी अपने किसी जानने वाले के पास छुपने की जगह मांगने पहुंचा था और तथाकथित रूप से उसने यह कहा था कि वह मध्य पूर्व के दो आदमियों को जान से मार कर आया है. आरोपी पुरिन्टन पहले अमेरिकी नेवी में काम कर चुका है.

आरपी/ओएसजे (रॉयटर्स)

 

DW.COM