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दुनिया

अमेरिका में बिकेगा गांजा

वाशिंगटन अमेरिका का पहला प्रांत बन गया है, जहां गांजा और चरस के इस्तेमाल की इजाजत दे दी गई है. इसके बाद लाइसेंसशुदा दुकानों से इनकी बिक्री होगी. फैसले पर मिली जुली प्रतिक्रिया आई है.

प्रांत के वोटरों से इस बारे में पूछा गया था, जिसके बाद उन्होंने बिक्री के पक्ष में वोटिंग की. प्रस्ताव पारित होने के बाद राजधानी सियेटल की सड़कों पर लगभग 200 लोगों ने गांजे से भरी सिगरेट जला कर खुशी जताई.

वाशिंगटन में पारित प्रस्ताव के अनुसार 21 साल से ऊपर का शख्स एक आउंस (करीब 28.5 ग्राम) तक मारिजुआना निजी इस्तेमाल के लिए रख सकता है. साथ ही कुछ खाने पीने की चीजों में इसका इस्तेमाल गैरकानूनी नहीं होगा. अमेरिका के 50 प्रांतों में वाशिंगटन पहला राज्य है, जहां इसकी अनुमति मिली है.

प्रशासन का मानना है कि लाइसेंसी दुकानों से गांजे की खरीद बिक्री से इसकी तस्करी और गैरकानूनी व्यापार के साथ साथ उससे जुड़े दूसरे अपराधों पर काबू पाया जा सकता है. मेक्सिको, हॉलैंड, अर्जेंटीना और उरुग्वे जैसे देशों में पहले से ही गांजे की बिक्री की इजाजत है. इसे गांजे की बिक्री में पारदर्शिता के लिए अच्छा माना जाता है. इसके अलावा लोगों के बारे में जानकारी भी रहती है कि किसने, कब और कितना गांजा खरीदा.

हालांकि वाशिंगटन प्रांत में इस्तेमाल की अनुमति मिल गई हो लेकिन इनका इस्तेमाल सिर्फ घरों में हो सकता है, सार्वजनिक जगहों पर नहीं. इसकी नशे की हालत में गाड़ी चलाने पर सजा मिलेगी, जैसे शराब पीकर गाड़ी चलाने पर मिलती है.

इससे एक महीने पहले अमेरिका के कोलोराडो प्रांत में भी गांजे के इस्तेमाल पर से कानूनी रोक टोक हटाने का फैसला किया गया है. हालांकि इसे लागू होने में अभी कुछ और वक्त लग सकता है.

क्यों है विवादास्पद

इस फैसले से विवाद भी खड़े हो रहे हैं. सवाल उठ रहे हैं कि इसका सामाज पर क्या असर पड़ेगा. एक तरफ़ गांजे का इस्तेमाल करते आ रहे लोगों का मानना है कि यह उनके लिए यह आराम का तरीका है, वहीं दूसरी ओर इसके लगातार इस्तेमाल से सेहत पर बुरा असर पड़ता है. इससे याददाश्त कमजोर हो सकती है, तार्किक समझ और फैसले लेने में मुश्किल हो सकती है. विवाद इस बात पर भी है कि कहीं नशेड़ी लोगों की लत बढ़ेगी तो नहीं और क्या इससे अपराध तो नहीं बढ़ेगा.

जर्मनी में भी 2012 के शुरुआती महीनों में वामपंथी पार्टी डी लिंके ने गांजे के इस्तेमाल को कानूनी शक्ल देने की बात उठाई थी, लेकिन उसे राजनीतिक विरोध का सामना करना पड़ा. डी लिंके का प्रस्ताव था कि ऐसा क्लब हो, जिसके सदस्य बिना रोक टोक गांजा उगा सकें.

अमेरिका के अलग अलग राज्यों में अलग अलग कानून चलता है और वाशिंगटन में किसी कानून के लागू होने का मतलब दूसरे राज्यों से नहीं होता है. लेकिन यह पहला मौका है, जब गांजा बेचे जाने की अनुमति मिली है. हालांकि 18 राज्यों में इसे डॉक्टरी इलाज के लिए इस्तेमाल करने की इजाजत है.

रिपोर्टः समरा फातिमा (रॉयटर्स)

संपादनः ए जमाल

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