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दुनिया

अमेरिका ने सीरिया पर हमला टाला

पिछले हमलों के सबक, जुबान चलाते लेकिन जमीन पर नदारद सहयोगी देश और ताकतवर पुतिन का अड़ जाना असर दिखा गया, अमेरिका ने सीरिया पर हमले की चेतावनी टाल दी है.

सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद की सरकार रासायनिक हथियारों को जमा कर उन्हें खत्म करने की रूसी योजना पर सहमत हो गई है. मंगलवार को व्हाइट हाउस से दिए संदेश में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा कि उन्होंने सांसदों को सीरिया पर हमले के लिए वोटिंग पर थोड़ा रुकने को कहा है.

अमेरिका इस बीच रूसी पहल पर कार्रवाई होते देखना चाहता है. ओबामा ने यह भी कहा कि वह रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ निजी तौर पर संपर्क में रहेंगे और विदेश मंत्री जॉन केरी को उनके रूसी समकक्ष के साथ बातचीत के लिए जिनेवा भेज रहे हैं. यह मुलाकात गुरुवार को होगी.

थोड़े गंभीर नजर आ रहे ओबामा ने मंगलवार को कहा, "प्रस्ताव सफल होगा या नहीं, यह कहना अभी जल्दबाजी होगी और किसी भी समझौते को इसकी पुष्टि करनी होगी कि असद सरकार अपनी प्रतिबद्धता पूरी कर रही है. हालांकि इस पहल में इतना दम है कि बिना बल प्रयोग के ही रासायनिक हमले के खतरे को खत्म कर सके, खास तौर से इसलिए क्योंकि रूस असद के मजबूत सहयोगियों में एक है."

हमले को टाला जरूर गया है लेकिन यह आशंका पूरी तरह से खत्म नहीं हुई. अमेरिकी क्रूज मिसाइलों का दस्ता पूर्वी भूमध्यसागर में तैनात है और अभी रहेगा. राष्ट्रपति ने कहा, "एक छोटा सा हमला भी असद सरकार को वह संदेश दे देगा जो कोई और देश नहीं दे सकता." हालांकि पिछले कुछ दिनों से आ रहे बयानों और गतिविधियों में दिख रहे हमला फिलहाल कूटनीति की ओर मुड़ गया है इसमें अब संदेह की कोई गुंजाइश नहीं.

ओबामा ने सैन्य कार्रवाई की चेतावनी 21 अगस्त को हुए हमले के जवाब में दी थी जब सीरियाई सैनिकों ने कथित रूप से विद्रोहियों के कब्जे वाले इलाके में सारिन गैस का इस्तेमाल कर 1400 लोगों को मार दिया था. मंगलवार को अपने भाषण में भावुक ओबामा ने सैन्य कार्रवाई के कदम को उचित ठहराने के लिए इस नरसंहार का जिक्र भी किया और कहा कि किसी तानाशाह को रासायनिक हथियार का इस्तेमाल करने देने से अमेरिका की सुरक्षा को भी खतरा है. हालांकि उन्होंने भरोसा दिलाया कि संयुक्त राष्ट्र निरीक्षकों के पुष्टि किए बगैर कोई हमला नहीं होगा.

इस बीच सीरिया ने वादा किया है कि वह रासायनिक हथियारों से छुटकारा पा लेगा. रूस की सुझाई योजना पर अमल का भरोसा देते हुए असद सरकार ने कहा है कि वह अपने रासायनिक हथियारों को अंतरराष्ट्रीय नियंत्रण में रख देगा और इन हथियारों पर पाबंदी लगाने वाले संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव पर दस्तखत भी कर देगा. विदेश मंत्री वलीद अल मुअल्लम ने रूसी समाचार एजेंसी इंटरफैक्स से कहा, "रासायनिक हथियारों की स्थिति दिखाने को तैयार हैं, उनका उत्पादन रोकने और उनके बनने की जगह को रूस, दूसरे देश, और संयुक्त राष्ट्र को दिखाने के लिए हम तैयार हैं."

सीरिया उन सात देशों में शामिल है जिन्होंने अब तक संयुक्त राष्ट्र के रासायनिक हथियारों पर पाबंदी वाले प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी है. इस पर दस्तखत करने वाले देशों को अपने रासायनिक हथियार खत्म करने के साथ ही संयुक्त राष्ट्र निरीक्षकों को उनके बनाने की जगह दिखाना होता है. सीरियाई राष्ट्रपति के सबसे ताकतवर सहयोगी पुतिन ने इससे पहले कहा था कि सीरियाई प्रस्ताव संकट को खत्म कर सकता है लेकिन केवल तभी जब अमेरिका हमले की चेतावनी को वापस ले ले. पुतिन का कहना था, "सीरिया या किसी दूसरे देश को एकतरफा हथियार खत्म करने के लिए तैयार करना मुश्किल होगा जबकि उनके खिलाफ सैन्य कार्रवाई की तैयारी चल रही हो."

एनआर/एजेए (एएफपी)

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