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दुनिया

अमेरिका का वर्किंग वीजा पाने वालों में भारतीय टॉप पर

सबसे ज्यादा मांग में रहने वाले अमेरिका के एच-1बी वीजा के चाहने वालों की तादाद पिछले दो साल में भले ही कम हुई हो, लेकिन भारतीयों में इसकी चाहत अब भी बनी हुई है.

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2009 में यह वीजा पाने वालों में भारतीयों की तादाद सबसे ज्यादा रही. एक तिहाई एच-1बी वीजा भारतीयों को दिए गए.

हालांकि इस साल एच-1बी वीजा के लिए काफी कम अर्जियां आई हैं. 2 जुलाई तक 24,200 अर्जियां आई हैं. अमेरिका की सिटिजनशिप ऐंड इमिग्रेशन सर्विस को अब तक अडवांस्ड डिग्री वाले लोगों की सिर्फ 10,400 अर्जियां मिली हैं, जबकि कांग्रेस ने इसके लिए अधिकतम सीमा 20 हजार तय की है.

अर्जियां लेने की प्रक्रिया शुरू होने के पहले पांच दिन के भीतर एच-1बी वीजा के लिए 13,500 ऐप्लिकेशन सामान्य कैटिगरी में आईं, जबकि अडवांस्ड डिग्री कैटिगरी में 5,600 लोगों ने अप्लाई किया. अमेरिकी कंपनियां एच-1बी वीजा का इस्तेमाल साइंटिस्ट, इंजीनियर या कंप्यूटर प्रोग्रामर्स जैसे विदेशी प्रफेशनल्स को नौकरियां देने के लिए करती हैं.

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क्वालिफाइड लोगों के आवेदन कम हुए

डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्युरिटी के मुताबिक वित्त वर्ष 2009 में कुल 3 लाख 39 हजार 243 लोगों को एच-1बी वीजा दिया गया. इनमें से लगभग 36 फीसदी यानी एक लाख 23 हजार भारतीय थे. लेकिन असल में जितने भारतीयों को अमेरिकी वीजा मिला, उनकी तादाद 2007 से अब तक 20 फीसदी से भी ज्यादा तक गिर चुकी है.

माना जा रहा है कि ऐसा अमेरिका में आई आर्थिक मंदी की वजह से हुआ क्योंकि 2007 से 2009 के बीच बहुत कम भारतीयों को वर्किंग वीजा मिला. हालांकि इसके बावजूद एच-1बी वीजा पाने वालों में भारत सबसे ऊपर बना हुआ है.

रिपोर्टः एजेंसियां/वी कुमार

संपादनः आभा एम

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