1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

मनोरंजन

अमन चैन फिल्म की रिलीज से ज्यादा अहमः रणबीर

बॉलीवुड के उभरते स्टार रणबीर कपूर ने कहा है कि अयोध्या विवाद पर फैसले के बाद शांति बनाए रखना किसी फिल्म की रिलीज से कहीं ज्यादा जरूरी है. उन्होंने अपनी फिल्म अंजाना अंजानी की रिलीज टलवा दी है.

default

रणबीर की यह नई फिल्म शुक्रवार को रिलीज होनी थी लेकिन अब इसे 1 अक्टूबर तक के लिए टाल दिया गया है. शुक्रवार को अयोध्या विवाद पर इलाहाबाद हाई कोर्ट का फैसला आना था जिसे अब सुप्रीम कोर्ट ने एक हफ्ते के लिए टाल दिया है.

Film Anjaana Anjaani

रणबीर कपूर ने पीटीआई के साथ बातचीत में कहा, "फिल्म की रिलीज खुशी का मौका होता है. मुझे अब भी याद है जब बाबरी मस्जिद को गिराया गया था और उसके बाद हुए धमाके भी. अदालत का फैसला किसी भी फिल्म की रिलीज से ज्यादा जरूरी है. फैसला किसी भी एक पक्ष के हक में जा सकता है जिसके बाद माहौल खराब होने का डर है. यह फिल्म की रिलीज का जश्म मनाने का मौका नहीं हो सकता."

27 साल के रणबीर कपूर ने बताया कि उन्होंने फिल्म के निर्माता से रिलीज को एक हफ्ते के लिए टालने को कहा जिसे उन्होंने मान लिया. रणबीर कहते हैं, "निर्माताओं की बड़ी रकम दांव पर लगी है. फिल्म के प्रिंट थिएटरों में पहुंच चुके हैं. चिंता यह नहीं है कि लोग थिएटर आएंगे या नहीं. हो सकता है कि वे शुक्रवार को न आएं, लेकिन अगर फिल्म अच्छी है तो वे अगले दिन जरूर आएंगे."

रणबीर बताते हैं कि सिद्धार्थ आनंद के निर्देशन में बनने वाली अंजाना अंजानी एक सीधी सी लवस्टोरी है जिसमें वह आकाश नाम के एक लड़के का किरदार निभा रहे हैं. रणबीर कहते हैं, "आकाश इंवेस्टमेंट बैंकर है और उसका सब कुछ चला गया है. वह अपनी जिंदगी को खत्म करने की सोचता है. लेकिन तभी उसकी मुलाकात काइरा (प्रियंका चोपड़ा) से होती है. दोनों 20 दिन एक साथ गुजारते हैं. साथ साथ ऐसी चीजें करते हैं जो उन्होंने जिंदगी में अब तक नहीं की हैं. वे जिंदगी और प्यार को सराहना सीखते हैं."

रणबीर कहते हैं कि इस फिल्म की शूटिंग 9 साल बाद उन्हें न्यूयॉर्क ले गई जहां उन्होंने पढ़ाई की थी. वह बताते हैं, "मुंबई के बाद न्यूयॉर्क मेरा सबसे पसंदीदा शहर है." रणबीर कहते हैं कि उनकी दो पिछली फिल्मों अजम प्रेम की गजब कहानी और राजनीति से उन पर कोई दवाब नहीं आया है. वह कहते हैं, "जिस तरह देश किसी भी फिल्म से बड़ा होता है, उसी तरह फिल्म भी किसी एक्टर से बड़ी होती है. मैं ज्यादा नहीं सोचता हूं. एक बार फिल्म की शूटिंग खत्म हुई तो काम खत्म. फिर मैं दर्शकों पर छोड़ देता हूं कि वे इस पसंद करें या नापंसद. मैं मानता हूं कि अगर कामयाबी आपके दिमाग में चढ़ जाए तो यह आपको बदल देती है. खुशकिस्मती से मेरे साथ ऐसा नहीं हुआ है."

रिपोर्टः एजेंसियां/ए कुमार

संपादनः एन रंजन

DW.COM

WWW-Links