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ताना बाना

अब शादी करने जाइए थाइलैंड!

भारत के कई रईस अब थाइलैंड में शादी रचाने जा रहे हैं. दरअसल वहां सस्ते दामों में सब निपट जाता है और भारतीयों का विदेश में शादी का सपना भी पूरा हो जाता है. इससे थाई अर्थव्यवस्था को भी बड़ा सहारा मिल रहा है.

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2010 में ही लगभग 40 भारतीय शादियां थाई राजधानी बैंकॉक में हुईं. अखबार बैंकॉक पोस्ट के मुताबिक 2011 में अब तक 100 से लेकर 150 भारतीय शादियों की योजना बनाई जा चुकी है. खास बात यह है कि थाइलैंड की राजनीतिक स्थिति और वहां होने वाले विरोध प्रदर्शनों का भारतीय शादियों पर कोई असर नहीं पड़ा है. हालांकि इस साल मई में सरकार विरोधी प्रदर्शनों में 92 लोग मारे गए थे और शहर कुछ दिनों तक पूरी तरह ठप हो गया था. यहां तक कि एक पांच सितारा होटल में होने वाली एक भारतीय

Flash-Galerie die schönsten Strände

शादी के साथ प्रकृति के मजे

शादी को बीच में रोक देना पड़ा क्योंकि होटल पर रॉकेटों से बमबारी हो रही थी.

इक्का दुक्का प्रदर्शनों और रॉकेट हमलों से भारतीयों को डर नहीं लगता. भारत में रईस परिवार थाइलैंड में कम दामों का फायदा उठाना चाहते हैं. थाइलैंड में शादी का आयोजन मलेशिया या सिंगापुर से 30 से लेकर 40 प्रतिशत कम दाम में किया जा सकता है. यूरोप और अमेरिका के मुकाबले तो बैंकॉक में शादियां बहुत सस्ते में निबट जाती हैं. भारत और थाइलैंड के बीच व्यापार को बढ़ा रहे इंडो थाई बिजनेस असोसिएशन के प्रमुख सतीश सहगल कहते हैं कि भारतीय थाईलैंड में राजनीतिक स्थिति से परेशान नहीं होते क्योंकि भारत में आए दिन विरोधी प्रदर्शन होते रहते हैं.

भारतीय शादियों के चलते थाइलैंड की अर्थव्यवस्था को भी अच्छा खासा फायदा हो रहा है. हर भारतीय शादी में 200 से लेकर 250 मेहमान आते हैं और हर शादी से थाइलैंड की सरकार को लगभग 15 करोड़ 12 लाख रुपये का फायदा होता है. सहगल कहते हैं कि भारत में 100 से ज्यादा अरबपति हैं. वहीं चीन के बाद भारत की जनसंख्या सबसे ज्यादा है. भारत में ही हर साल एक करोड़ शादियां होती हैं.

रिपोर्टः डीपीए/एमजी

संपादनः ए कुमार

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