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खेल

अब फेडरर बगैर फ्रेंच ओपन

रफाएल नडाल, नोवाक जोकोविच और रोजर फेडरर ने मिल कर पिछले 32 ग्रैंड स्लैम खिताबों में 30 अपने नाम किए हैं, लेकिन इस बार फ्रेंच ओपन का समापन फेडरर के बगैर ही होगा.

मंगलवार को एक संक्षिप्त और इकतरफा क्वार्टर फाइनल मुकाबले में जो विल्फ्रेड त्सोंगा ने फेडरर को 7-5, 6-3, 6-3 से हराकर फ्रेंच ओपन टेनिस से बाहर का रास्ता दिखा दिया. 1 घंटे और 51 मिनट चले मैच में हारने के बाद फेडरर ने कहा, "मैंने हर जगह थोड़ा संघर्ष किया. ईमानदारी से कहूं तो निजी तौर पर मैं इस हार और अपने खेल से काफी उदास हूं लेकिन यह ऐसा ही होता है. मैंने चीजों को सुधारने की कोशिश की लेकिन यह मुश्किल था और जो ने लगातार दबाव बनाए रख कर बढ़िया काम किया. वह हर तरफ बढ़िया था."

रोलां गैरां की मिट्टी पर रोजर फेडरर ने 2009 में इकलौती जीत हासिल कर पीट सैम्प्रास के 14 ग्रैंड स्लैम खिताबों की बराबरी की थी. फेडरर ने 2004 में फ्रेंच ओपन के तीसरे दौर में गुस्तावो कुएर्टन के हाथों शिकस्त देखी थी. उसके बाद पूरे आठ साल तक ऐसा कभी नहीं हुआ कि वो किसी ग्रैंड स्लैम मुकाबले में सेमीफाइनल से पहले सीधे सेटों में हारे हों. 2004 की उस हार के एक महीने बाद ही ओलंपिक में जीत के साथ शुरू हुआ फेडरर का विजय अभियान 8 साल चला. इसके दौरान वो सभी ग्रैंड स्लैम में क्वार्टर फाइनल में अजेय बने रहे और लगातार 23 बड़े मुकाबलों का सेमीफाइनल खेला.

यह दौर खत्म होने के बाद क्वार्टर फाइनल से बाहर होने का सिलसिला बनता चला गया. पिछले 13 ग्रैंड स्लैम में पांच बार वो क्वार्टर फाइनल के दौर में बाहर हुए हैं. इनमें दो बार तो त्सोंगा ने ही उन्हें टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता दिखाया है. त्सोंगा 2008 में ऑस्ट्रेलियाई ओपन के उपविजेता रहे थे और वो फ्रांस को रोलां गैरां का देसी विजेता दिलाने की कोशिश में जीजान से जुटे हुए हैं. त्सोंगा ने कहा, "हर कोई मुझसे बहुत कुछ की उम्मीद कर रहा है."

यानिक नोआ ने 30 साल पहले यह काम किया था और तब से रोलां गैरां की मिट्टी से फ्रांस को कोई अपना विजेता नहीं मिला. पहली बार फ्रेंच ओपन का सेमीफाइनल खेलने जा रहे त्सोंगा की भिड़ंत रैंकिंग में नंबर चार खिलाड़ी डेविड फेरर से होनी है जो स्पेन के टॉमी रॉबैर्डो को हरा कर यहां पहुंचे हैं. फेरर छह बार ग्रैंड स्लैम के सेमीफाइनल में पहुंचे हैं लेकिन जीते एक बार भी नहीं.

त्सोंगा के हाथों फेडरर को आसानी से हारते देख फेरर भी हैरान हैं, "मैं थोड़ा हैरान हुआ था." आखिरकार यह वही फेडरर हैं जिन्होंने 2005 से 2007 के बीच लगातार 10 ग्रैंड स्लैम मुकाबलों में 8 अपने नाम किया था. इसके अलावा 2008 से 2010 के बीच खेले आठ बड़े मुकाबलों के फाइनल में से चार उनके नाम रहे. हालांकि उसके बाद से उनका दौर ढलान पर है. पिछले 13 ग्रैंड स्लैम मुकाबलों में केवल दो का फाइनल ही फेडरर खेले और उनमें से एक पिछले साल का विंबलडन उनके नाम हुआ.

अब 31 साल के हो चुके फेडरर जाहिर है कि कोर्ट पर पहले की तुलना में नरम दिखने लगे हैं, उनके चहेतों के लिए यह दुखद है कि 2000 के बाद यह पहला साल है कि अब तक उनके हिस्से कोई खिताब नहीं आया.

एनआर/एमजे (रॉयटर्स, एएफपी)

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