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खेल

अब टेनिस में डोपिंग का सवाल

ओप्रा विनफ्री से इंटरव्यू वाला लांस आर्मस्ट्रांग का चेहरा अभी टेलीविजन सेटों से हटा भी नहीं था कि किसी ने ट्वीट किया कि भला टेनिस का खेल इतने दिनों तक पाक साफ कैसे बना है. क्यों कोई डोपिंग करता नहीं पकड़ा गया.

ब्रिटेन के अखबार द टाइम्स के वरिष्ठ टेनिस संवाददाता नील हारमन ने लिखा, "क्या यह समय आ गया है कि हमारे खेल टेनिस से कोई उठ खड़ा हो और पूछे कि यह खेल इतने दिनों से इतना पाक साफ कैसे बना हुआ है." जल्द ही ऑस्ट्रेलिया के पूर्व खिलाड़ी डैरेन काहिल ने भी इस बहस में हिस्सा ले लिया. इस वक्त साल का पहला ग्रैंड स्लैम मुकाबला चल रहा है और टेनिस खिलाड़ियों पर हमेशा से सवाल उठते रहे हैं. टेनिस के कई मैच पांच पांच घंटे चलते हैं और मुकाबले में बने रहने के लिए जबरदस्त दमखम की जरूरत पड़ती है.

आम तौर पर टेनिस में कोई भी डोपिंग के मामले में नहीं पकड़ा जाता और न ही इस मुद्दे पर कभी चर्चा हो पाती है. लेकिन साइक्लिस्ट लांस आर्मस्ट्रांग ने जब से इस बात को कबूला है कि उन्होंने डोपिंग करके सात बार टुअर डे फ्रांस जीता है, टेनिस में भी डोपिंग का मामला उठने लगा है.

अभी खिलाड़ी और टिप्पणीकार अपनी बातें रख ही रहे थे कि टेनिस के पहले नंबर के खिलाड़ी नोवाक जोकोविच ने अपना मुंह खोल दिया. जोकोविच अपनी सपाट बातों के लिए मशहूर हैं. उनका कहना है, "मेरा तो छह सात महीने से खून का टेस्ट भी नहीं हुआ है. दो तीन साल पहले यह ज्यादा नियमित रूप से हो रहा था. मुझे नहीं पता कि उन्होंने क्यों इसे रोक दिया है."

Tennis ATP Finale Novak Djokovic

जोकोविच ने उठाया अहम सवाल

अंतरराष्ट्रीय टेनिस संघ के टेस्टिंग विभाग ने यह नहीं माना कि उन्होंने खून की टेस्टिंग रोक दी है लेकिन इस बात को दबी जुबान में स्वीकार कर लिया कि इसे कम कर दिया गया है. टेस्टिंग विभाग में शामिल स्टुअर्ट मिलर का कहना है कि वे इस साल ज्यादा टेस्ट करना चाहते हैं. उनका कहना है कि ज्यादातर बार खिलाड़ियों को बिना बताए ये टेस्ट कराए जाते हैं.

इसी हफ्ते बेल्जियम के क्रिस्टोफ रोखस ने एक रेडियो इंटरव्यू में विवादित बयान दिया था. उनका कहना था, "अब आर्मस्ट्रांग के मामले को देखते हुए हम कह सकते हैं कि अगर किसी को अब तक पकड़ा नहीं गया तो भी इसका मतलब नहीं होता कि उसने कभी डोपिंग नहीं की. अगर कोई बेहतर डॉक्टर की फीस भर सकता है, तो उसकी मदद से ऐसी डोपिंग कर सकता है, जो पकड़ में न आए. मेरी नजर में डोपिंग रोकने के उपाय बेकार हैं."

रोखस ने स्वीडन के रोबिन जोडरलिंग की मिसाल पेश की, जो लंबे वक्त से खेल से बाहर हैं, "वह उस वक्त अजेय थे. हम इस बात से इनकार नहीं कर सकते कि इससे शक पैदा होता है. वह अपने करियर के शीर्ष पर थे और अगले दिन एलान कर दिया कि वह टेनिस नहीं खेलना चाहते हैं. यह विश्वास किए जाने योग्य नहीं है." उन्होंने विश्व के पूर्व नंबर एक खिलाड़ी रफाएल नडाल पर भी थोड़ा सवाल कर दिया, जो इस वक्त चोट की वजह से नहीं खेल पा रहे हैं. रोखस का कहना है, "हो सकता है कि वह वाकई घायल हों."

2006 में विश्व के 38वें नंबर के खिलाड़ी बने रोखस का आरोप है कि विश्व टेनिस संघ ने इस बारे में उनकी जुबान बार बार बंद की है. उन्होंने कहा कि एक बार तो संघ ने उन्हें चिट्ठी भी लिखी कि मैं इस बारे में आखिरी बार बोल रहा हूं क्योंकि मेरे पास कोई सबूत नहीं है.

टेनिस के महानतम खिलाड़ियों में शामिल आंद्रे अगासी ने अपनी किताब में लिखा है कि उन्होंने प्रतिबंधित दवाइयां लीं और एक बार जब टेस्ट में पकड़े गए तो एटीपी ने उन्हें बचा लिया.

एजेए/ओएसजे (डीपीए)

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