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विज्ञान

अब कंप्यूटर खेलेगा क्विज शो

मशहूर कंपनी आईबीएम के रिसर्चर एक नया सुपर कंप्यूटर तैयार कर रहे हैं. वॉटसन नाम का यह कंप्यूटर आम लोगों के साथ क्विज शो में हिस्सा लेता नजर आने वाला है.

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वॉटसन को इस शो में लाने का मकसद यह दिखाना है कि कृत्रिम ज्ञान अब इतना आगे निकल आया है कि वह मनुष्य की सामान्य बुद्धि को आसानी से पीछे छोड़ सकता है. जियोपार्डी एक बहुत ही पुराना अमेरिकी क्विज शो है जिसमें साहित्य, इतिहास, विज्ञान, भूविज्ञान, संगीत और अलग अलग क्षेत्रों के सवाल पूछे जाते हैं. 1964 से चल रहे इस क्विज शो को तीन प्रतियोगी एक बड़ी राशि के लिए खेलते हैं. इस शो की खास बात यह है कि यहां प्रतियोगियों को सवालों के जवाब नहीं देने होते, बल्कि जवाब का सवाल बनाना होता है.

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आईबीएम का सुपर कंप्यूटर

वॉटसन को एक बार अभ्यास के तौर पर इस शो में लाया जा चुका है. तब उसने बाकी दोनों प्रतियोगियों को हरा दिया. आईबीएम अनुसंधान के निदेशक जॉन केली ने इस बारे में बताया, "हमने ऐसा कंप्यूटर तैयार किया है जो मानव भाषा समझने की क्षमता रखता है और एक कंप्यूटर के लिए यह बहुत ही मुश्किल बात है." उन्होंने कहा कि भाषा समझने के लिहाज़ से यह 'डीप ब्लू' से भी बेहतर है. डीप ब्लू भी आईबीएम का बनाया गया सुपर कंप्यूटर है जिसने 1997 में विश्व शतरंज चैम्पियन गैरी कास्परोव को हरा दिया था. उन्होंने यह भी बताया कि वॉटसन को ज्ञान देना कोई मुश्किल काम नहीं था, मुश्किल था उसे आम बोल चाल की भाषा सिखाना.

वॉटसन को अपना नाम आईबीएम के अध्यक्ष थोमस वॉटसन से मिला है. इस सुपर कंप्यूटर का निर्माण उस समय किया गया है जब आईबीएम 100 वर्ष का हो रहा है. यह कंपनी का लोगों को यह बताने का भी तरीका है कि भले ही गूगल और एप्पल जैसी कंपनियां बाज़ार में बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं, लेकिन आईबीएम भी किसी से पीछे नहीं. बहरहाल लोग अगले महीने ही वॉटसन को क्विज खेलते और पैसे जीतते देख सकेंगे.

रिपोर्ट: एजेंसियां/ईशा भाटिया

संपादन: ए जमाल

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