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दुनिया

अब उत्तर कोरिया समेत कई देशों पर लगा अमेरिकी प्रतिबंध

चाड, ईरान, उत्तर कोरिया, सोमालिया, सीरिया, वेनेजुएला और यमन के लोग अब अमेरिका में प्रवेश नहीं कर सकेंगे. अमेरिकी राष्ट्रपति की ओर से जारी किये गये नये आदेश से इन देशों पर यात्रा प्रतिबंध लगा है.

यह नया आदेश ट्रंप सरकार के फरवरी में जारी किये गये मूल यात्रा प्रतिबंध आदेश की जगह लाया गया है. यात्रा बैन से जुड़ा मूल प्रस्ताव रविवार को समाप्त हो रहा था, जिसके बाद प्रशासन ने नये प्रतिबंध लगाये हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने ट्वीट में लिखा, "अमेरिका को सुरक्षित बनाना मेरी पहली प्राथमिकता है. हम उन लोगों को अपने देश में स्वीकार नहीं करेंगे जिनकी हम सुरक्षित रूप से जांच नहीं कर सकते." व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "ये कड़े लेकिन जरूरी प्रतिबंध हैं क्योंकि ये देश जानकारी साझा करने की अमेरिकी मांगों को पूरा करने में विफल रहे हैं." 

सुरक्षा जोखिम का हवाला

इन देशों के नागरिकों पर यात्रा प्रतिबंध लगाने के लिए खराब सुरक्षा जांच और अमेरिकी अधिकारियों के साथ समुचित सहयोग न करने का हवाला दिया गया है. आदेश में इन देशों को सुरक्षा के लिए खतरा बताया गया है, साथ ही "अपर्याप्त" खुफिया सहयोग को भी एक बड़ा कारण बताया गया है. पिछले प्रतिबंध में शामिल सोमालिया को इस सूची में नहीं रखा गया है. नये प्रतिबंध 18 अक्टूबर से लागू होंगे. सूडान मुस्लिम बहुल उन छह देशों में से एक था, जिन पर पहले प्रतिबंध लगाया गया था लेकिन अब नई सूची से सूडान का नाम भी हटा लिया गया है.

ताकि मुस्लिम-विरोधी ना कहलाएं

अमेरिकी राष्ट्रपति की मुस्लिम बहुल देशों पर ऐसी कार्रवाई की दुनिया भर में आलोचना हुई थी. विश्लेषकों का मानना है कि इस बार वेनेजुएला और उत्तर कोरिया पर प्रतिबंध फिर वैसी ही आलोचना से बचने के लिए लगाया गया है. सत्ता संभालने के कुछ ही दिन बाद ट्रंप सरकार के यात्रा प्रतिबंध से जुड़े फैसलों ने उन्हें कानूनी पचड़ों में फंसा दिया था, जिसके बाद इसमें कई संशोधन किये गये थे. ट्रंप की मूल यात्रा बैन सूची में ईरान, लीबिया, सोमालिया, सूडान, सीरिया और यमन पर 90 दिनों के लिए प्रतिबंध लगाया गया था.

ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद जरीफ ने ट्रंप पर निशाना साधते हुए अपने ट्वीट में अमेरिकी राष्ट्रपति को "ईरान के लिए नकली सहानभूति" रखने वाला कहा और इन नये प्रतिबंधों को "अधिक आक्रामक" बताया है.

यूं तो इराक भी अमेरिकी सूचना नियमों का पालन करने में असमर्थ रहा है लेकिन प्रतिबंधों के बजाय ट्रंप के आदेश में इराकियों की अतिरिक्त जांच की बात कही गयी है. इन नये प्रतिबंधों के कारण अमेरिका के उच्चतम न्यायालय में अगले महीने होने वाली मूल प्रतिबंध निर्देश की समीक्षा को और जटिल कर दिया है.

एए/आरपी (एपी, डीपीए)

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