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दुनिया

अफ्रीका में भारतीयों के नाम की दीवार

भारतीय मजदूरों के दक्षिण अफ्रीका पहुंचने के 150 साल पूरे होने पर खास कार्यक्रम हो रहे हैं. इसी तहत एक ऐसी दीवार बनाई गई है जिस पर पहली बार अफ्रीका की भूमि पर कदम रकने वाले 200 मजदूरों के नाम अंकित है.

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समंदर के रास्ते पहुंचे थे भारतीय

गाऊतेंग राज्य की राजधानी प्रिटोरिया में यह दीवार बनाई गई है. यह वही शहर है जहां 1860 में पहुंचे मजदूर दक्षिण अफ्रीका आने वाले सबसे पहले भारतीय थे. राज्य के मुख्यमंत्री नॉमवुला मोकोन्याने ने शहर के बीचों बीच स्थित फ्रीडम पार्क में स्मारक के रूप में बनी इस दीवार का अनावरण किया. हालांकि राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा प्राप्त इस दीवार पर उन 75 हजार अफ्रीकियों का नाम भी लिखा है जो दोनों विश्व युद्ध, औपनिवेश काल में हुए नरसंहार और आजादी की लड़ाई में मारे गए. इन सभी को राष्ट्रीय नायक का दर्जा दिया गया है.

इस बीच देश के अन्य इलाकों से भी दक्षिण अफ्रीका में भारतीयों के पंहुचने की 150 वीं सालगिरह मनाए जाने की खबरें हैं. राजधानी डरबन में उस स्थान पर प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया जहां सबसे पहले भारतीय कामगार पंहुचे थे.

एक अन्य कार्यक्रम में भारतीयों के समूह ने दक्षिण अफ्रीका की राह दिखाने के लिए अपने पूर्वजों का शुक्रिया अदा किया. इसके लिए 40 लोगों ने अफ्रीकी और भारतीय परंपरा के मुताबिक एक नाव पर सवार होकर समुद्र में फल फूल विसर्जित किए. इसके अलावा कई जगहों पर इसाई, मुस्लिम और हिंदू धर्मगुरुओं ने प्रार्थना सभाओं का आयोजन कर देश की तरक्की में अपने योगदान को निरंतर बढ़ाने की दुआ की.

पहली बार 16 नवंबर 1860 को 200 भारतीय मजदूर समुद्र के रास्ते जहाज से प्रिटोरिया पंहुचे थे. मोकोन्याने ने कहा कि दक्षिण अफ्रीका के लोगों को भारत की आजादी के लिए महात्मा गांधी के अहिंसक आंदोलन से सीख लेकर इसे मौजूदा समय में अपने अधिकारों की लड़ाई में इस्तेमाल करना चाहिए.

उन्होंने भारतीयों के आगमन को क्रांतिकारी बदलाव बताते हुए कहा कि इस घटना ने दक्षिण अफ्रीका के इतिहास को बदल दिया. मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 150 साल के अतीत को सामने रख कर यह कहा जा सकता है कि दक्षिण अफ्रीका की सफलता की कहानी भारत के बिना कभी पूरी नहीं हो सकती. इस मौके पर दक्षिण अफ्रीका में भारत के उच्चायुक्त वीरेन्द्र गुप्ता भी मौजूद थे.

रिपोर्टः एजेंसियां/निर्मल

संपादनः ए कुमार

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