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दुनिया

अफगान नागरिकों पर गोली चलाने की सजा

अफगानिस्तान में शहरियों पर गोली चलाने वाले एक अमेरिकी सैनिक को नौ महीने कैद की सजा दी गई है. इस सैनिक ने कबूल किया है कि उसने जान बूझ कर अफगानिस्तान में असैनिकों पर गोलियां चलाईं.

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स्टाफ सार्जेंट 25 साल के रॉबर्ट स्टीवन को उसके पदावनत (डीमोट) कर दिया गया है. अमेरिका के कुछ आवारा सैनिकों पर अफगानिस्तान में खेल खेल में गोली चलाने का आरोप है और इस मामले में यह पहली सजा है. स्टीवन ने अपने ऊपर लगे पांच में से चार आरोपों को मान लिया. इनमें से एक में कहा गया है कि उसने जान बूझ कर ऐसी दिशा में फायरिंग की, जिधर वह जानता था कि असैनिक लोग हैं.

अब इस स्वीकारोक्ति के बाद स्टीवन उन अमेरिकी सैनिकों की पहचान में मदद करेगा, जिन पर अफगानिस्तान में इससे भी कहीं गंभीर आरोप लगे हैं. अमेरिका के दर्जन भर सैनिकों पर अफगानिस्तान में बेकसूर शहरियों पर हमला करने और कम से कम तीन हत्याओं के आरोप हैं. मारे गए लोगों की लाशें क्षत विक्षत हालत में मिली थीं.

ये सभी सैनिक ब्रावो बटालियन के सदस्य हैं और इनका रिंग लीडर कैल्विन गिब्स बताया जाता है. स्टीवन पर हत्या का आरोप नहीं है. कोर्ट मार्शल के दौरान उसने जज क्वासी हॉक्स के सवालों का जवाब दिया. स्टीवन ने बताया कि मार्च के महीने में गश्त के दौरान उन लोगों ने एक मैदान में कुछ लोगों को जमा देखा. स्टीवन ने बताया कि उसे मालूम था कि इन लोगों से कोई खतरा नहीं है क्योंकि वे सैनिकों को देख कर न तो घबराए और न ही छिपने की कोशिश की.

स्टीवन के मुताबिक इसके बाद सार्जेंट गिब्स ने कहा कि हमें फायरिंग के लिए तैयार रहना चाहिए क्योंकि एक शख्स के पास रॉकेट लांचर है. स्टीवन ने कहा कि इसके बाद उसने गोली चलाई लेकिन जान बूझ कर निशाना नहीं लगाया. उसका कहना है, "इसके बाद सार्जेंट गिब्स ने कहा कि हमें अपने निशाने को पक्का करने की जरूरत है." स्टीवन का कहना है कि बाद में जांच के दौरान उसने गलत बताया कि एक शख्स के पास रॉकेट लांचर था.

स्टीवन पर केस चलने के बाद इस मामले से जुड़े दूसरे आरोपियों को सजा देने का रास्ता भी साफ हो गया है.

रिपोर्टः एएफपी/ए जमाल

संपादनः महेश झा

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