1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

जर्मन चुनाव

अफगान जंग रोक दोः होलब्रुक के अंतिम शब्द

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के लिए अमेरिका के विशेष राजदूत रहे रिचर्ड होलब्रुक के होठों पर आखिरी वक्त में भी अफगानिस्तान का ही नाम था. होलब्रुक ने अफगानिस्तान में जंग रोकने की अपील की.

default

सर्जरी के लिए जाते समय बेहोश किए जाने से पहले रिचर्ड होलब्रुक ने अपना इलाज करने वाले पाकिस्तानी सर्जन से कहा,"आपको अफगानिस्तान में जंग रोकनी होगी." होलब्रुक के परिवार के एक सदस्य के हवाले से अमेरिका अखबार वॉशिंगटन पोस्ट ने ये खबर छापी है.

अमेरिकी के सबसे अनुभवी कूटनीतिज्ञों में से एक रिचर्ड होलब्रुक की सोमवार को मौत हो गई. वह 69 साल के थे. शुक्रवार को होलब्रुक की तबियत खऱाब होने पर उन्हें वाशिंगटन अस्पताल में भर्ती कराया गया. उनकी एक धमनी फट गई थी. वॉशिंगटन पोस्ट में छपी खबर के मुताबिक करीब 21 घंटे चले ऑपरेशन के बाद उसे ठीक कर दिया गया. हालांकि इसके बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी.

Karsai und Holbrooke

होलब्रुक की मौत ऐसे समय में हुई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा अफगानिस्तान में अपनी नीतियों की समीक्षा कर रहे हैं.

अफगानिस्तान में अमेरिका सेना के योजनाकारों के साथ मिलकर होलब्रुक ने एक साल पहले शुरू की गई योजना के जरिए देश की कृषि, अर्थव्यवस्था और नागरिक संस्थानों में बड़े पैमाने पर सुधार और आम नागरिकों की इसमें भागीदारी के लिए काम किया.

ओबामा प्रशासन पिछले साल 30000 अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती के बाद देश में आए बदलाव के आधार पर अपनी अफगान नीति की समीक्षा कर इस पर चर्चा करने वाला है. ओबामा प्रशासन ने सैनिकों की ये तैनाती 2011 से सैनिकों की वापसी शुरु कराने के नाम पर की थी.

रिपोर्टः एजेंसियां/एन रंजन

संपादनः आभा एम

DW.COM

WWW-Links