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दुनिया

अफगानिस्तान को एंटी पाकिस्तान बना रहा है भारत

पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने कहा है कि भारत अफगानिस्तान को पाकिस्तान का दुश्मन देश बनाने की कोशिश कर रहा है.आतंकवाद से लड़ाई में पाकिस्तान की भूमिका की आलोचना के जवाब में मुशर्रफ ने दिया बयान.

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पाकिस्तान की राजनीति में वापसी की उम्मीदें लिए अमेरिका की यात्रा पर गए मुशर्रफ ने कहा कि उन्होंने काबुल में कथित पाकिस्तानी आतंकवादियों को भारतीय खुफिया अधिकारियों से मिलने की तस्वीरें देखी है. ये पाकिस्तानी आतंकवादी बलूचिस्तान के अलगाववादी हैं.

काउन्सिल ऑन फॉरेन रिलेशन्स में एक सम्मेलन के दौरान परवेज मुशर्रफ ने कहा,"अगर मुझे साफ साफ कहने दिया जाए तो मैं कहूंगा कि अफगानिस्तान में भारत की भूमिका ये है कि वो एंटी पाकिस्तान अफगानिस्तान बना रहा है." 2008 में पाकिस्तान की सत्ता से बाहर हुए मुशर्रफ ने कहा, "मेरे लिए चीजें बिल्कुल साफ हैं. कंदधार और जलालाबाद में मौजूद भारतीय वाणिज्य दूतावास पाकिस्तान के लिए समस्या खड़ी कर रहे हैं. उनका और कोई काम नहीं है." मुशर्रफ ने ये भी सवाल उठाया," उत्तर की ओर उज्बेकिस्तान और ताजिकिस्तान की तरफ वाणिज्य दूतावास क्यों नहीं बनाए गए."

Pakistans Präsident Pervez Musharraf

अफगानिस्तान में भारत के वाणिज्य दूतावास दक्षिण में कंदधार और जलालाबाद में है इसके साथ ही उत्तर में मजार ए शरीफ और हेरात में भी कॉन्सुलेट मौजूद हैं. काबुल में मौजूद भारतीय दूतावास पर पिछले साल तालिबानी आतंकवादियों ने हमला किया था.

पाकिस्तान लंबे समय से अफगानिस्तान में भारत की भूमिका पर सवाल खड़े करता है. अमेरिकी अधिकारी पाकिस्तान की इन दलीलों पर ज्यादा भरोसा नहीं करते. सोमवार को भारतीय संसद में दिए भाषण में अमेरिकी राष्ट्रपति ने जंग से जूझ रहे अफगानिस्तान में भारत की भूमिका की सराहना भी की. अफगानिस्तान का पारंपरिक मददगार न होने के बावजूद भारत ने तालिबान की सत्ता खत्म होने के बाद 1.3 अरब अमेरिकी डॉलर की सहायता दी है. अफगानिस्तान में सड़क बिजली नई संसद भवन बनाने में भारत मदद दे रहा है.

पाकिस्तान तालिबान को पहले समर्थन देता रहा लेकिन 11 सितंबर के हमले के बाद सैनिक शासक परवेज मुशर्रफ ने लाइन बदल ली और कट्टरपंथी सरकार को सत्ता से बेदखल करने में अमेरिका के सहयोगी बन गए. वैसे मुशर्रफ की इस बात की आलोचना होती है कि तालिबान और अल कायदा के बड़े नेता पाकिस्तान के रास्ते अफगानिस्तान से बाहर निकल गए. इन नेताओं में ओसामा बिन लादेन के होने की बात भी की जाती है. मुशर्रफ का कहना है कि पाकिस्तान अपनी तरफ से कोशिश कर रहा है और ये केवल उसकी जिम्मेदारी नहीं है. मुशर्रफ ने कहा," अगर वो पाकिस्तान की तरफ आए तो इसमें सिर्फ पाकिस्तान का ही कसूर नहीं है ये अफगान, अमेरिकी और गठबंधन सैनिकों की भी नाकामी है. इसकी जिम्मेदारी दोनों पर आती है.

रिपोर्टः एजेंसियां/एन रंजन

संपादनः उज्ज्वल भट्टाचार्य

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