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दुनिया

अपनी मांगों पर अड़े यूक्रेनी प्रदर्शनकारी

कड़ाके की सर्दी के बावजूद हजारों प्रदर्शनकारी कीव के केंद्रीय स्वतंत्रता मैदान में जमा हुए हैं और सरकार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. स्थिति तनावपूर्ण है और कीव में सुरक्षा का कड़ा बंदोबस्त किया गया है.

मंगलवार की रात को सुरक्षाकर्मी विरोधी प्रदर्शनकारियों पर हावी रहे. वहां के गृह मंत्रालय ने कहा है कि वह प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई और कड़ी करेगा लेकिन इस बीच सुरक्षाकर्मी पीछे हट गए हैं. गृह मंत्रालय के मुताबिक हर प्रदर्शन को दंगे का दर्जा दिया जाएगा और प्रदर्शनकारियों को तितर बितर करने के लिए आंसू गैस और दूसरे कदम उठाए जाएंगे.

बुधवार सुबह को कीव के स्वतंत्रता मैदान में हजारों प्रदर्शनकारी जमा हुए. उन्हें दबाने के लिए विशेष बेर्कुट टुकड़ी के सैनिकों को तैनात किया गया है. माहौल में तनाव है लेकिन माइनस आठ डिग्री की सर्दी में भी प्रदर्शनकारियों की भीड़ कम होती नहीं दिख रही. सरकार विरोधी गुट विरोधी गीत गा रहे हैं और प्रार्थना सभाओं का आयोजन कर रहे हैं.

मंगलवार की रात को सुरक्षाकर्मियों ने मैदान में ट्रेड यूनियन दफ्तर पर छापा मारा और केंद्रीय कीव को प्रदर्शनकारियों के कब्जे से आजाद करने की कोशिश की. यह दफ्तर यूक्रेनी राष्ट्रपति विक्टर यानुकोविच के खिलाफ मुहिम का मुख्यालय है. विपक्ष के नेता और बॉक्सिंग चैंपियन विताली क्लिचको ने भी राष्ट्रपति यानुकोविच के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा, "गला काटने वालों और तानाशाहों से काम नहीं चलने वाला. इन्हें हटाना होगा. और आज का सबसे अहम सवाल यह हैः यानुकोविच का इस्तीफा और साथ ही उसकी पूरी सड़ी गली सरकार की विदाई." क्लिचको की पार्टी उदार का दावा है कि मंगलवार रात को दस हजार प्रदर्शनकारी गिरफ्तार किए गए हैं. चैनल फाइव के मुताबिक एक व्यक्ति को गंभीर रूप से चोट आई है. यूक्रेन के गृह मंत्रालय ने कहा है कि रात को बैरिकेड हटाने के दौरान दस सुरक्षाकर्मियों को चोटें आईं.

इस बीच यूरोपीय संघ ईयू की विदेशी मामलों की प्रतिनिधि कैथरीन ऐशटन सरकार और विपक्ष के बीच मध्यस्थता की कोशिश कर रही हैं. उन्होंने आज राष्ट्रपति यानुकोविच से मुलाकात भी की है, लेकिन विरोधी गुटों का कहना है कि वह अपना विरोध अगले साल तक भी खींचकर ले जाने को तैयार हैं. यूक्रेन में पिछले तीन हफ्तों से सरकार विरोधी प्रदर्शन हो रहे हैं. राष्ट्रपति यानुकोविच रूस के करीब माने जाते हैं और उन्होंने रूस के दबाव की वजह से ईयू के साथ यूक्रेन के खास समझौते पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया था.

एमजी/एमजे(रॉयटर्स, डीपीए)

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