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दुनिया

'अपनी नजरों में गिरे' पेट्रेयस का इस्तीफा

अफगानिस्तान और इराक में अमेरिकी सेना को दिशा देने वाले सीआईए प्रमुख डेविड पेट्रेयस कभी देश के लिए असली नायक थे लेकिन अवैध संबंध की वजह से अपनी ही नजरों में गिर गए और पद से इस्तीफा दे दिया.

पहले अमेरिकी सेना के शीर्ष अधिकारी और फिर खुफिया एजेंसी के प्रमुख रहे पेट्रेयस का कहना है, "37 साल की शादी के बाद मैंने एक दूसरा रिश्ता जोड़कर बहुत ही बेवकूफी का काम किया. एक पति और इस स्तर के संगठन का प्रमुख होने की हैसियत से ऐसा करना मंजूर नहीं."

पेट्रेयस के कंप्यूटर की जांच के दौरान इस रिश्ते के बारे में तब पता चला. कंप्युटर की सुरक्षा को लेकर सवाल उठे थे और तब आंतरिक सुरक्षा एजेंसी एफबीआई ने इसकी जांच की. एफबीआई पॉला ब्रॉडवेल नाम की एक महिला की जांच कर रही थी जिसने पेट्रेयस की जीवनी लिखी है. अधिकारियों के मुताबिक हो सकता है कि ब्रॉडवेल ने इस कंप्यूटर से भी जानकारी ली हो. हालांकि ब्रॉडवेल ने खुद इस बारे में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है,  लेकिन उन्होंने अपनी किताब के लिए पेट्रेअस के साथ घंटों बाते कीं. ब्रॉडवेल खुद सेना में रह चुकी हैं.

General David Petraeus Flash-Galerie

पेट्रेयस के इस्तीफे के कई पहलू हैं. हाल ही में लीबिया में अमेरिकी राजदूत के मारे जाने के बात मामले की जांच शुरू हुई और पेट्रेयस से भी कुछ सवाल किए जाने थे. सीआईए के प्रमुख होने के नाते उन्हें इस बात की सफाई देनी थी कि उनकी एजेंसी के पास लीबिया में अमेरिकी दूतावास के बारे में हमले से पहले कोई जानकारी क्यों नहीं थी.

आलोचकों का सवाल वाजिब है- क्या पेट्रेयस ने इस्तीफा इन मसलों से दूर भागने के मकसद से किया है? अगले हफ्ते अमेरिकी कांग्रेस लीबिया में अमेरिकी दूतावास पर हमले की जांच शुरू कर रही है. पेट्रेयस से भी इस बारे में पूछताछ होगी. सीआईए ने पेट्रेयस के बचाव में कहा है कि उन्होंने अमेरिकियों को बेनगाजी से निकालने की पूरी कोशिश की.

पेट्रेयस के बारे में कहा जाता है कि 2007 में इराक युद्ध के असफल होने के बाद उन्होंने वहां स्थिति को सामान्य करने में मदद की. ओबामा शासन के दौरान फिर पेट्रेयस अफगानिस्तान में अमेरिकी सेना के प्रमुख बने. उसके बाद उन्हें अमेरिकी सेना का प्रमुख बनाने के बजाय सीआईए का निदेशक बनाया गया. पिछले एक साल में उन्होंने खुफिया जानकारी जमा करने के तरीके में संतुलन लाने की कोशिश की क्योंकि 2001 सितंबर में अल कायदा के हमलों के बाद खुफिया एजेंसियों के काम  के तरीके में काफी बदलाव आ गया था. पेट्रेयस के बारे में कहा जाता है कि वे राजनीति में भी आना चाहते हैं, लेकिन उन्होंने खुद इन अटकलों को खारिज किया है.

एमजी/एनआर(एपी, एएफपी)

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