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खेल

अपनी चोट से हार जाते हैं नडाल

वह भले अपनी पीठ दर्द को कोई गंभीर बात नहीं कह कर टाल देते हैं लेकिन इसी दर्द ने नडाल के करियर को दर्द से भर दिया है. अद्भुत ऊर्जा और बेजोड़ खेल के महारथी रफाएल नडाल उस जगह से बहुत नीचे हैं, जहां उन्हें होना चाहिए.

शानदार वापसी के बाद ऑस्ट्रेलियाई ओपन के फाइनल में हारने वाले नडाल ने इस दर्द के बारे में कहा, "मैंने बहुत ज्यादा यह देखने की कोशिश नहीं की कि यह क्या है लेकिन यह वैसा ही महसूस हो रहा है, जैसा पहले हुआ करता था." स्विट्जरलैंड के स्टानिस्लास वावरिंका से हारने वाले नडाल जब फाइनल मैच खेल रहे थे, तो उनकी पीठ में फिर एक बार दर्द उठा.

मामूली चोट से तो हर खिलाड़ी को गुजरना पड़ता है लेकिन नडाल का करियर इन चोटों से बुरी तरह प्रभावित रहा है. ऑस्ट्रेलिया के महान टेनिस खिलाड़ी रह चुके रॉड लेवर का कहना है, "कामयाब बनने के लिए आपको चोटों से बच कर रहना होगा. यह बहुत जरूरी है. मैं खुशकिस्मत था कि ऐसा कर पाया." रॉड लेवर एकमात्र खिलाड़ी हैं, जिन्होंने चारों ग्रैंड स्लैम दो बार 1962 और 1969 में जीते हैं.

27 साल के नडाल ने भी चारों ग्रैंड स्लैम जीत रखे हैं और उनके नाम कुल 13 ग्रैंड स्लैम हैं. वह दुनिया के पहले नंबर के खिलाड़ी भी हैं लेकिन चोट के आगे बेबस हो जाते हैं. हाल ही में घुटनों की चोट ने उन्हें सात महीने तक कोर्ट से बाहर रखा था.

दरअसल नडाल की ऊर्जा और जुझारूपन ही कई बार उनके लिए खतरा बन जाता है. कोर्ट के अंदर वह एक योद्धा होते हैं, जो किसी भी कीमत पर हार नहीं मानता. जहां कई खिलाड़ी हार रहे सेटों को गंवा कर नए सेट में ऊर्जा भरने की कोशिश करते हैं, नडाल किसी भी मोड़ से वापसी का माद्दा और इच्छा रखते हैं. मौजूदा दौर के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में शामिल नडाल टेनिस इतिहास के सबसे अच्छे खिलाड़ियों में शुमार हो सकते हैं. उनसे आगे रोजर फेडरर (17) और पीट सैंप्रास (14) हैं.

हालांकि नडाल को इस बात का श्रेय दिया जाता है कि उन्होंने फेडरर के विशाल करियर पर लगाम लगाई है. अगर नडाल इस रेस में नहीं होते तो शायद फेडरर के खिताबों की संख्या 20 पार कर चुकी होती. नडाल ने सात बार फ्रेंच ओपन जीता है. वैसे मेलबर्न में खेला गया ऑस्ट्रेलियाई ओपन साल का पहला खिताब है. अभी इस साल तीन और खिताब होने बाकी हैं.

एजेए/एएम (डीपीए)

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