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मनोरंजन

अदालत ने बच्चों को नामों से बचाया

बच्चों का नाम रखते समय कोई शायद ही सोचता होगा कि उसे इसके लिए अदालत तक जाना पड़ सकता है. फ्रांस में एक अदालत ने माता पिता को अपने बच्चे का नाम चॉकलेट क्रीम नुटेला या स्ट्रॉबेरी रखने से मना कर दिया.

मां-बाप प्यार से अपने बच्चे का नाम क्या क्या नहीं रखना चाहते हैं, लेकिन यह नहीं सोचते कि बाद में बच्चे को अपने नाम की वजह से क्या क्या सहना होगा. स्कूलों में उनके नामों की वजह से उनसे मजाक किया जाता है. अक्सर स्कूलों में भी उनके अजीबोगरीब नाम रख दिए जाते हैं. दिया मिर्जा को उनके दोस्त पंपकिन पुकारते हैं तो गोविंदा को चीची, आफताब शिवदासनी को फैफी तो ऋतिक रोशन को डुग्गू.

भारत में शंभूड़ी, अकलू, केकड़िया या कचरा जैसे नाम अपवाद नहीं हैं. ऐसे उटपटांग नाम कई बार अंधविश्वास की वजह से भी रखे जाते हैं. लड़की गोरी है तो उसे नजर लगने से बचाने के लिए कल्ली कहा जाने लगता है. बड़े होने के बाद बच्चों के लिए नाम बदलना मुश्किल होता है और अक्सर वे डिप्रेशन का भी शिकार हो जाते हैं.

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उत्तरी फ्रांस में एक अदालत ने दो बच्चों को इस स्थिति से बचा लिया है कि उनके साथ उनके नाम को लेकर जिंदगी भर मजाक किया जाए. मां-बाप चाहते थे कि बच्चों को नुटेला और रसबेरी नाम दें, लेकिन अदालत ने इसे ठुकरा दिया. अदालत ने कहा कि ये नाम बच्चों के हितों को नुकसान पहुंचाएंगे.

नुटेला ब्रेड पर लगाया जाने वाला चॉकलेट क्रीम है. अदालत ने उस बच्चे को एला नाम दिया. दूसरे बच्चे का नाम फ्रेज यानि स्ट्रॉबेरी रखा जाना था. नाम का मजाक बनाए जाने की अदालत की चेतावनी के बाद माता-पिता ने अपनी बेटी के लिए इसके बदले 19वीं सदी का पुराना फ्रांसीसी नाम फ्रेजीने तय किया.

एमजे/आईबी (एएफपी)

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