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जर्मन चुनाव

'अटका 26/11 का मुकदमा, आयोग चाहिए'

पाकिस्तान के गृह मंत्री रहमान मलिक ने माना है कि मुंबई हमलों के मामले में लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर जकीउर रहमान लखवी और छह अन्य आरोपियों का मुकदमा अटक गया है. उन्होंने कहा कि दो भारतीयों की गवाही के लिए आयोग बनाना होगा.

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मलिक ने शनिवार को इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायुक्त शरत सभरवाल से मुलाकात की. उन्होंने कहा कि मुंबई हमलों के मामले में वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए भारतीयों की गवाही के कारण मुकदमे में मुश्किलें आ रही हैं क्योंकि पाकिस्तानी कानूनी के तहत इस तरह की गवाही की अनुमति नहीं है.

मलिक ने बताया कि उन्होंने संबंधित अधिकारियों का एक आयोग बनाने पर भारतीय गृह मंत्री से टेलीफोन बातचीत में चर्चा की है. यह आयोग एक मैजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारी का बयान दर्ज करने भारत जाएगा. चिदंबरम ने कहा कि पाकिस्तान की तरफ से कोई भी प्रस्ताव मिलने के बाद उस पर विचार किया जाएगा. मलिक ने पाकिस्तानी गृह मंत्रालय में सभरवाल से मुलाकात के बाद यह बात कही. मुंबई हमलों से जुड़े मामले की सुनवाई कर रही पाकिस्तान की आंतकवाद विरोधी अदालत ने अब तक भारत के इस प्रस्ताव का कोई जवाब नहीं दिया है कि गवाही वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हो सकती है.

पाकिस्तानी गृह मंत्री ने कहा, "हम चाहते हैं कि यह मुकदमा आगे चले. इसीलिए मैंने चिदंबरम से बातचीत में भारत के सामने यह प्रस्ताव रखा है कि अगर हम इस मामले को ट्रायल कोर्ट में भेज दें और उनसे एक आयोग बनाने को कहें, तो कैसा रहेगा." पाकिस्तानी के सरकारी वकील सोमवार को रावलपिंडी की आतंकवाद विरोधी अदालत में आयोग बनाने के लिए याचिका दायर करेंगे.

दोनों भारतीय गवाहों का बयान वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए रिकॉर्ड करने के भारत के प्रस्ताव पर मलिक ने कहा कि पाकिस्तानी कानून के मुताबिक इसकी अनुमति नहीं है. मुंबई हमलों के दौरान पकड़े गए इकलौते आतंकवादी अजमल कसाब का इकबालिया बयान दर्ज करने वाले मैजिस्ट्रेट और इस मामले की छानबीन करने वाले एक पुलिस अधिकारी को पाकिस्तानी अधिकारियों के सामने अपनी गवाही देनी है.

रिपोर्टः एजेंसियां/ए कुमार

संपादनः वी कुमार

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