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खेल

अगले साल भारत में पहली फॉर्मूला वन रेस

भारत में पहली बार फॉर्मूला वन रेस होने जा रही है. फॉर्मूला वन रेस करवाने वाली संस्था एफआईए ने कहा है कि 30 अक्तूबर 2011 से भारत में फॉर्मूला वन कारें फर्राटा भरेंगी. ग्रेटर नोएडा के जेपी ग्रुप सर्किट में होगी रेस.

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मिषाएल शूमाखर, लुईस हैमिल्टन, फर्नांडो ओल्जों, सबेस्टियन फेटल और मार्क वेबर जैसे तूफानी ड्राइवरों के कारनामें अब भारतीय खेल प्रेमी भी देख सकेंगे. दिल्ली से सटे ग्रेटर नोएडा में ये जाबांज ड्राइवर अगले साल 300 किलोमीटर प्रतिघंटा से ज्यादा की रफ्तार में कार दौड़ाते नजर आएंगे.

बुधवार को वर्ल्ड मोटर स्पोर्ट्स काउंसिल ने भारत में फॉर्मूला वन रेस के आयोजन को हरी झंडी दिखा दी. एफआईए के मुताबिक अगले साल के फॉर्मूला वन सत्र में कुल 20 रेसें होंगी. इनमें से 18वीं फॉर्मूला वन ग्रां प्री ग्रेटर नोएडा में होगी. ग्रेटर नोएडा के जेपी ग्रुप सर्किट की लंबाई 5.15 किलोमीटर है. फिलहाल वहां निर्माण का काम चल रहा है. उम्मीद है कि जून 2011 तक ट्रैक और रेस से जुड़ी सभी तैयारियां पूरी हो जाएंगी. पूरे सर्किट में डेढ़ लाख लोगों के बैठने की व्यवस्था है.

एफआई ने 2007 में जेपीएसके स्पोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ 1,600 करोड़ रुपये का करार किया था. यह करार भारत में फॉर्मूला वन रेस कराए जाने के लिए किया गया गया. फॉर्मूला वन रेस की मेजबानी हासिल करने से भारत में इस खेल को भी बढ़ावा मिलेगा. साथ ही भारतीय पर्यटन उद्योग को भी इससे फायदा पहुंचेगा.

रिपोर्ट: एजेंसियां/ ओ सिंह

संपादन: एन रंजन

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