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ताना बाना

अंबानी मिलाप से बाजार और सरकार खुश

लंबे आपसी और कारोबारी विवाद के बाद अंबानी बंधुओं में दोस्ती हो गई है. मुकेश और अनिल अंबानी ने हाथ मिलाने का वादा किया तो शेयर और सरकार को बड़ी राहत मिली. सोमवार को शेयरधारकों के खाते में आए 18000 करोड़ रुपये.

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भारत के दो सबसे बड़े रईस भाइयों की दोस्ती का सोमवार को शेयर बाज़ार ने स्वागत किया. ग्रीस के आर्थिक संकट की वजह से लगातार गिर रहा बाजार अंबानी भाइयों के मेल मिलाप की खबरों से संभलता दिखा. बाजार खुलते ही बीएसई सेंसेक्स 49 और निफ्टी 13.15 अंक ऊपर चढ़ गया. मुकेश और अनिल की कंपनियों समेत तेल, गैस और ऊर्जा क्षेत्र की बाकी कंपनियों के शेयर ऊपर चढ़े. मुकेश की कंपनी आरआईएल के शेयर नौ और अनिल की कंपनी आरएनआरएल के शेयर 23 फ़ीसदी उछले.

रविवार को मुकेश और अनिल अंबानी ने एलान किया कि वह अपने सभी पुराने विवाद भूलाने को तैयार हैं. अंबानी बंधुओं ने यह भी संकेत दिया कि वह एक दूसरे से प्रतिस्पर्द्धा न करने वाले करार को भी रद्दी की टोकरी में डालने के लिए तैयार हैं. यह करार 2006 में हुआ था.

वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी और पेट्रोलियम मंत्री मुरली देवड़ा ने भी दोनों भाइयों की दोस्ती का स्वागत किया. प्रणब ने कहा, ''दोनों भाइयों के बीच विवाद ख़त्म करने को लेकर हुआ करार ज़रूरी था. इससे अन्य कॉरपोरेट घरानों को भी फायदा होगा.''

Mukesh Ambani, Industrialist, Indien

अंबानी भाइयो के झगड़े की वजह से कभी कभार विवादों में आए पेट्रोलियम मंत्री मुरली देवड़ा ने ताजा खबर से राहत महसूस की. चेन्नई में उन्होंने कहा, ''देश के सामने और कई गंभीर समस्याएं हैं. ऐसे में इन दोनों भाइयों का झगड़ा कोई मायने नहीं रखता. लेकिन मुझे लगता है कि दोनों के बीच हुई दोस्ती एक अच्छा संकेत है और मैं इसका स्वागत करता हूं.''

2002 में रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के प्रमुख धीरूभाई अंबानी का निधन हुआ. तब से ही उनके बड़े बेटे मुकेश और छोटे बेटे अनिल के बीच कारोबार को लेकर खटपट शुरू हो गई. 2005 में दोनों ने अपनी मां की सहमति से रास्ते अलग कर लिए.

मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंड्रस्ट्रीज तेल और गैस के क्षेत्र में काम कर रही है. अनिल टेलीकॉम, बिजली और इंटरटेनमेंट क्षेत्र में कारोबार कर रहे हैं. इस दौरान केजी बेसिन से निकाली जाने वाली गैस के दामों को लेकर दोनों के बीच गहरा विवाद छिड़ गया.

इस विवाद पर हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया कि गैस की कीमत तय करने का अधिकार सरकार को है. कोर्ट दोनों भाइयों को आदेश दे चुका है कि वह सरकारी नीतियों के तहत आपस में करार करें.

रिपोर्ट: एजेंसियां/ओ सिंह

संपादन: ए जमाल

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