अंधविश्वास ने बनाया अनोखे बच्चे को भगवान | विज्ञान | DW | 19.11.2014
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विज्ञान

अंधविश्वास ने बनाया अनोखे बच्चे को भगवान

पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में जन्में चार हाथ पैर वाले बच्चे को देखने के लिए लोगों की भीड़ इकट्ठा हो रही है. लोग इस नवजात को भगवान का अवतार मान रहे हैं. हिंदू धर्म में देवी देवताओं के चार हाथ पैर होना सामान्य बात है.

डेली मेल में छपी रिपोर्ट के मुताबिक पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में इस अनोखे बच्चे के पैदा होने की खबर ने तहलका मचा दिया है. स्थानीय लोगों का मानना है कि बच्चा भगवान का अवतार है. इस बच्चे को देखने के लिए राज्य के कोने कोने से लोग पहुंच रहे हैं. स्थानीय पुलिस का कहना है कि उसे भीड़ से निपटने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. बच्चा जिस अस्पताल में पैदा हुआ उस अस्पताल के बाहर सैकड़ों लोग जमा होकर उसकी एक झलक की मांग कर रहे हैं.

डॉक्‍टरों का कहना है कि बच्‍चे में दो अतिरिक्‍त हाथ और पैर अविकसित जुड़वां बच्‍चे के अवशेष हैं. परिवार में इस नए सदस्य को लेकर खुशी का माहौल है, वे इस बच्चे को हिंदू भगवान ब्रह्मा का अवतार मान रहे हैं. स्थानीय टीवी चैनल पर एक अज्ञात रिश्तेदार ने कहा, "जब उसे हमने पहली बार देखा तो हमें यकीन ही नहीं हुआ. नर्स ने कहा बच्चा बुरी तरह से विकृत है लेकिन मैंने देखा कि यह भगवान की तरफ से इशारा है. वास्तव में यह चमत्कार है. यह भगवान का बच्चा है. भारतीय भगवानों के अतिरिक्त अंग होते हैं, बिलकुल इसी तरह से."

पुलिस के एक प्रवक्ता का कहना है, "यह एक अनोखा बच्चा है और यह दुखद है. बच्चे में ईश्वरीय कुछ भी नहीं है. लेकिन भीड़ बच्चे को देखने के लिए बहुत उत्तेजित हो रही है. सैकड़ों लोग सड़कों पर रो रहे हैं, सैकड़ों अन्य लोग प्रार्थना कर रहे हैं और कैंप लगा रहे हैं. कुछ लोग कह रहे हैं कि यह धरती के अंत का संकेत है और वे घबरा भी रहे हैं. मैंने अपने पूरे करियर में ऐसे बच्चे का जन्म होते नहीं देखा."


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