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विज्ञान

अंडे के रंग का चक्कर

हमें चक्कर क्यों आते हैं, अंडे सफेद या भूरे क्यों होते हैं. रोजमर्रा के इन सवालों के अलावा हाई टैक विमानों से लेकर बच्चों के रिमोट प्लेन्स के बारे में भी इस बार मंथन में होगी बात. साथ ही एक नजर जापान के मछली बाजार पर भी.

इन दिनों बच्च और किशोर रिमोट से हैलीकॉप्टर उड़ाना खूब पसंद करते हैं. लेकिन अगर इसी छोटे हैलीकॉप्टर में कैमरा फिट कर दिया जाए तो ये रोबोटिक कैमरामैन की शक्ल ले लेगा. आमिर खान की फिल्म थ्री इडियट्स में जॉय नाम के एक किरदार ने ऐसा किया था. फिल्म में कोई उसे संजीदगी से नहीं लेता. लेकिन जर्मनी में युवाओं का ये आइडिया हिट हो रहा है. मंथन की रिपोर्ट में दिखाया गया है कि कैसे वे खेलों में शूटिंग के लिए हैलीकॉप्टरों को कैमरे की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं.

इसके बाद चर्चा होगी ड्रोन के सिद्धांत पर. मानव रहित इन विमानों का इस्तेमाल सेना के अलावा और कौन कौन करता है, इसे समझने के लिए एक इंटरव्यू शामिल किया गया है. इसमें यह भी बताया गया है कि कैसे 1916 से ही इनका इस्तेमाल शुरू हो गया था. यह जानकारी भी दी गई है कि किस तरह से ट्रैफिक पर नजर रखने के लिए जगह जगह इनका इस्तेमाल किया जा रहा है.

तैयारी सैकड़ों टन भारी हवाई जहाजों को हल्का करने की भी चल रही है. इसके लिए उनमें लगने वाले फाइबर को बदला जा रहा है. इस से विमान किफायती भी बन सकेंगे और उनकी सुरक्षा भी बढ़ेगी. श्टाडे शहर में जर्मन एरोस्पेस सेंटर के रिसर्चर भविष्य के विमान पर काम कर रहे हैं. वे कार्बन फाइबर से शक्तिशाली लेकिन बेहद हल्का मटीरियल तैयार कर रहे हैं. विमान का ज्यादातर हिस्सा मजबूत कार्बन फाइबर से बनेगा. कोशिश है कि जहाज का वजन आधा हो जाए.

मछली को खतरा

मछली के शौकीन दुनिया भर में हैं. जापान के पकवान सूशी की दीवानगी तो यूरोप और अमेरिका तक फैली हुई है. इसे बनाने के लिए जिस खास तरह की टूना मछली का इस्तेमाल होता है वह भी जापान के समुद्र में ही मिलती है. हर साल यहां के मछली बाजार में इनकी नीलामी होती है. बीते साल सबसे महंगी मछली बिकी दस करोड़ रुपये की. इसका वजन दो सौ किलो से ज्यादा था. लेकिन पेट की यही भूख टूना मछलियों के लिए मुसीबत बन रही है. 

कहा जाता है कि मछलियां खाना खाद्य श्रृंखला के लिए जरूरी है. अगर मछलियों का शिकार नहीं किया जाएगा तो उनकी संख्या इतनी ज्यादा बढ़ जाएगी कि उससे समुद्र का पारिस्थितिक तंत्र बिगड़ जाएगा. लेकिन पिछले कुछ सालों में इनका इस कदर अंधाधुंध शिकार किया जा रहा है कि मछलियों की कई प्रजातियां लुप्त होने लगी हैं. इटली में तो अब शिकारियों पर नए नए तरीकों से नकेल कसी जा रही है.

चक्कर क्यों आते हैं

किसी ऊंची इमारत से नीचे देखें तो सर घूमने लगता है, कभी कभी गश खाना अलग बात है लेकिन अगर लगातार चक्कर आने लगे, तो समझिए कुछ गड़बड़ है. सिर घूमना या चक्कर आना इंसानों में बहुत आम समस्या है. इसके लिए सिर्फ सिर जिम्मेदार नहीं है. दरअसल शरीर के कई अंग जब दिमाग को चौंकाने लगते हैं तो सिर चकराने लगता है. चक्कर का रहस्य छिपा है हमारे कान में. यह किस तरह से दिमाग तक संकेत पहुंचता है और क्यों हमें चक्कर आने लगते हैं इसी बात को रिपोर्ट में समझाया गया है.

कौन बनाता है सफेद अंडे

संडे हो या मंडे रोज खाएं अंडे, लेकिन कौन से, सफेद या भूरे. ज्यादातर लोगों को लगता है कि भूरा अंडा सफेद से बेहतर होता है. लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं. सब अंडे एक जैसे होते हैं. लेकिन अंडों के रंग अलग अलग क्यों होते हैं. अधिकतर लोग तो यह भी मानते हैं कि देसी मुर्गी का अंडा भूरा और बॉयलर का अंडा सफेद होता है. पर ऐसा कुछ होता नहीं है. अंडा तो हरा भी होता है. इस बार के मंथन में जानेंगे मुर्गी के कान अंडे के रंग पर क्या असर डालते हैं.

आईबी/एएम

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