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दुनिया

अंकारा में सेना पर हमला, अमेरिका और जर्मनी ने की निंदा

तुर्की की राजधानी अंकारा में बुधवार शाम को हुए विस्फोट में अब तक 28 लोगों के मरने की खबर है और 61 घायल हुए हैं. रिपोर्टों के अनुसार कार में रखे गए इस बम के निशाने पर तुर्की की सेना थी.

अब तक किसी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है. तुर्की के उपप्रधानमंत्री नुमान कुर्तुलमुस ने बताया कि धमाका सेना की गाड़ियों के करीब हुआ. सेना की ये गाड़ियां एक ट्रैफिक सिग्नल पर रुकीं और उसी समय में कार में रखा बम फटा. विस्फोट के बाद इलाके में अफरातफरी का माहौल छाया रहा. अपने बयान में कुर्तुलमुस ने कहा, "यह हमला साफ तौर पर हमारे पूरे देश पर हुआ है और घृणित, अपमानजनक, कपटी और घातक रूप से अंजाम दिया गया है.

जिस इलाके में यह हमला हुआ वह सेना के मुख्यालय और संसद से करीब ढाई किलोमीटर की दूरी पर है. विस्फोट की गूंज इतनी तेज थी कि उसे शहर भर में सुना जा सकता था. लोग आवाज सुन कर अपनी बालकनियों में निकल आए. घटनास्थल से करीब 500 मीटर दूर खड़े 25 साल के गुरकान ने समाचार एजेंसी एएफपी को बताया, "मैंने एक बड़े से आग के गोले को बढ़ते हुए देखा. जैसे ही विस्फोट सुनाई दिया लोगों में कोलाहल मच गया और वे हर दिशा में भागते नजर आए."

सेना के अनुसार यह हमला स्थानीय समय शाम चार बज कर 31 मिनट पर हुआ और सेना के जवानों को ले जा रहे वाहनों को सोच समझ कर निशाना बनाया गया. हमले के बाद अपने बयान में तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तय्यप एरदोवान ने चेतावनी भरे स्वर में कहा, "तुर्की किसी भी समय, किसी भी जगह और किसी भी अवसर पर अपने आत्मरक्षा के अधिकार को इस्तेमाल करने में संकोच नहीं करेगा." राष्ट्रपति कार्यालय द्वारा जारी बयान में कहा गया है, "सभी आतंकी संगठनों के खिलाफ संघर्ष में हम कदम पीछे की ओर नहीं बढ़ाएंगे."

इस हमले के कारण तुर्की के प्रधानमंत्री अहमत दावुतोग्लू को अपना ब्रसेल्स दौरा रद्द करना पड़ा है. गुरूवार को ईयू शिखर सम्मेलन से पहले उन्हें ग्यारह देशों की मिनी शिखर बैठक में शरणार्थियों के मुद्दे पर चर्चा में भाग लेना था. जर्मन चांसलर अंगेला मैर्केल ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि वे इस बारे में सुनकर सकते में हैं और मारे गए तथा जख्मी लोगों के परिवारों के साथ हैं. उन्होंने कहा, "मैं तुर्की के लोगों को बताना चाहती हूं कि हम जर्मनी के लोग आपकी पीड़ा में आपके साथ हैं." उन्होंने कहा कि आतंक के खिलाफ लड़ाई में जर्मनी तुर्की के साथ खड़ा है.

वॉशिंगटन ने भी इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है. वहीं नाटो ने भी कहा है कि "आतंकवाद के खिलाफ जंग में नाटो देश कंधे से कंधे मिला कर साथ खड़े हैं." और संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि हमलावरों को सजा दिलाई जा सकेगी.

आईबी/एमजे (एएफपी, डीपीए)

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