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बाहरी लोगों से दिल्ली में बढ़ा अपराधः चिदंबरम

१३ दिसम्बर २०१०

भारत के गृह मंत्री पी चिदंबरम ने ये कह कर विवाद खड़ा कर दिया है कि बाहर से आए लोगों की वजह से दिल्ली में अपराध बढ़ा है. इसके बाद चारों तरफ से घिरे चिदंबरम को बयान वापस लेना पड़ा.

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तस्वीर: UNI

दिल्ली में चलती कार में बलात्कार की एक और घटना के बाद दिल्ली सरकार से लेकर केंद्र तक पर सवाल उठ रहे हैं. ऐसे में भारत के गृह मंत्री पी चिदंबरम से बढ़ते अपराधों पर राय ली गई, तो उन्होंने कहा कि दिल्ली से बाहर के लोगों की वजह से राजधानी में जुर्म बढ़ रहे हैं. हालांकि बाद में दबाव पड़ने पर उन्होंने बयान वापस ले लिया.

Brijesh Gupta
पुलिस पर उठ रहे हैं सवालतस्वीर: UNI

संसद भवन में चिदंबरम ने कहा,"दिल्ली में बड़ी संख्या में प्रवासी पहुंच रहे हैं और वे गैरकानूनी तौर पर बनी कॉलोनियों में रह रहे हैं. यह दिल्ली में अपराध बढ़ने की एक बड़ी वजह है." पुलिस और प्रशासन का बचाव करते हुए चिदंबरम ने कहा कि दो तरह के अपराध होते हैं, एक पहले से तय और दूसरा मौका मिलते ही किया गया अपराध. उन्होंने कहा,"पुलिस पहले से साजिश रच कर किए जाने वाले अपराधों पर तो कुछ हद तक अंकुश लगा सकती है लेकिन मौका मिलने पर किए गए जुर्म को नहीं रोका जा सकता. इसकी सिर्फ तफ्तीश की जा सकती है."

दिल्ली में आधी से ज्यादा आबादी दूसरे राज्यों से आए लोगों की है जिनमें से अधिकतर बिहार और उत्तर प्रदेश के हैं. चिदंबरम के बयान पर राजनीति स्वाभाविक थी और बीजेपी ने उन्हें आड़े हाथों लेने में तनिक भी देर नहीं लगाई.

बीजेपी प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने कहा,"ये एक आश्चर्यजनक और आपत्तिजनक टिप्पणी है जो गृह मंत्री जी ने की है. दिल्ली में पुलिस की कमी है और भगवान ही इसका मालिक है क्योंकि न तो दिल्ली की मुख्यमंत्री और न ही भारत के गृह मंत्री इसे अपना बता रहे हैं.ऐसे में मजदूरों को दोष देना बिहार, यूपी या उत्तराखंड के कामगारों पर आरोप लगाना सिर्फ अपनी नाकामी छिपाना है."

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने भी चिदंबरम के बयान पर आपत्ति जताई है. उन्होंने कहा," चिदंबरम ये बयान सिर्फ अपनी नाकामी छिपाने के लिए दे रहे हैं."

दिल्ली में हाल के दिनों में अपराध तेजी से बढ़े हैं. पिछले चार दिनों के भीतर दिल्ली में दो बार चलती कार में बलात्कार की घटनाएं हुई हैं. भारत की पहली महिला आईपीएस अधिकारी किरण बेदी ने हालांकि चिदंबरम के बयान को सिरे से खारिज नहीं किया. पर उन्होंने ये जरूर कहा कि हमें पता लगाने की जरूरत है कि ऐसा बयान किस बुनियाद पर दिया गया.

किरण बेदी ने एक निजी समाचार चैनल से कहा,"यह देखना होगा कि गृह मंत्री ने किस आधार पर यह बात कही है. क्या उनकी बात के पक्ष में सरकारी आंकड़े उपलब्ध हैं या यह बात सिर्फ विश्लेषण के आधार पर कही गई है."

लंबे वक्त से पुलिस में सुधार की पैरोकार रही बेदी ने कहा,"ज्यादा जरूरी तो यह समझना है कि अधिकतर अपराधियों का रिकॉर्ड पुलिस के पास है इसके बावजूद वे बार बार जुर्म कर रहे हैं. अगर उन्हें अपराध करने की छूट मिल ही जा रही है तो उनके रिकॉर्ड का क्या फायदा."

इस बीच चिदंरम के बयान पर राजनीति तेज होने पर पहले कांग्रेस को सफाई देनी पड़ी और बाद में खुद गृह मंत्री ने एक तरह से अपना बयान वापस ले लिया. चिदंबरम ने कहा कि वो दिल्ली में अपराध के कारणों का विस्तार से जवाब दे रहे थे और मीडिया ने उनकी बात को गलत तरीके से पकड़ लिया. तमिल मूल के गृह मंत्री ने कहा,"मैं तो खुद दिल्ली के बाहर का हूं. मैं तो खुद यहां प्रवासी हूं."

रिपोर्टः एजेंसियां/ए जमाल

संपादनः एन रंजन

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