1. कंटेंट पर जाएं
  2. मेन्यू पर जाएं
  3. डीडब्ल्यू की अन्य साइट देखें

बस्तियों के रुकने तक रुकी रहेगी शांति वार्ता

३ अक्टूबर २०१०

फलिस्तीन ने साफ शब्दों में कह दिया कि जब तक इस्राएल पश्चिमी तट पर यहूदी बस्तियां बसाना बंद नहीं करेगा तब तक शांति वार्ता आगे नहीं बढ़ाई जाएगी. सच हो गईं अंतरराष्ट्रीय बिरादरी की आशंकाएं.

https://p.dw.com/p/PT21
तस्वीर: AP

एक महीने पहले अमेरिका की मदद से दोबारा शुरू हुई मध्यपूर्व शांति वार्ता को पाला मार गया. कारण हमेशा से चली आ रहा नई बस्तियों का निर्माण. दस महीने तो इस्राएल ने नई बस्तियां बसाने पर रोक लगा रखी थी लेकिन अब ये रोक खत्म हो गई तो शांति वार्ता भी हलक में अटक गई. इस्राएल ने कह दिया कि वह रोक आगे नहीं बढ़ाएगा, फलिस्तीन ने भी साफ कर दिया कि शांति वार्ता नहीं होगी.

फलिस्तीनी लिबरेशन ऑर्गेनाइजेशन (पीएलओ) के वरिष्ठ नेता यासेर आबेद राबो ने कहा, "बातचीत फिर से शुरू होने के लिए ठोस कदम चाहिए और पहला है बस्तियों को रोकना. इस्राएली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और फलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास के बीच दो सितंबर के बाद से बैठकों के तीन दौर हुए."

Frankreich Nahost Palästinenser Mahmoud Abbas bei Nicolas Sarkozy in Paris
आठ अक्तूबर को ही होगा फैसलातस्वीर: AP

नेतन्याहू ने अब्बास ने बातचीत जारी रखने की अपील की. एक ही महीना पहले फलिस्तीनी सीधी शांति वार्ता के लिए फिर से बिना शर्त तैयार हुए. हमारी सरकार ने कई एकतरफा कोशिशें की ताकि बातचीत आगे बढ़े. "मैं उम्मीद करता हूं कि वे अब पीठ नहीं दिखाएंगे और एक साल में समझौते पर पहुंचने के लिए बातचीत की मेज पर लौटेंगे.

अब्बास ने कहा है कि अगर बस्तियों के निर्माण पर रोक नहीं लगती तो वह बातचीत से कदम पीछे हटा लेंगे."

पीएलओ के बयान में कहा गया है कि फलिस्तीनी अरब लीग शांति वार्ता कमेटी की 8 अक्तूबर की बैठक में इस पर चर्चा करेंगे.

रिपोर्टः एजेंसियां/आभा एम

संपादनः एन रंजन

इस विषय पर और जानकारी को स्किप करें

इस विषय पर और जानकारी