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ख्वाजा ने सिडनी में समां बांधा

३ जनवरी २०११

रिकी पोंटिंग की जगह ऑस्ट्रेलिया की टीम में शामिल हुए उसमान ख्वाजा ने अपने टेस्ट करियर की अच्छी शुरुआत की और पहली पारी में अच्छे 37 रन बनाए. पाकिस्तानी मूल के ख्वाजा ऑस्ट्रेलिया से खेलने वाले पहले मुस्लिम क्रिकेटर हैं.

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उस्मान ख्वाजातस्वीर: picture alliance/empics

पहला विकेट गिरने के बाद आम तौर पर ऑस्ट्रेलिया अपने कप्तान रिकी पोंटिंग को ग्राउंड पर देखता है और उनसे हर बार एक अच्छी पारी की उम्मीद की जाती है. लेकिन जबरदस्त दबाव में एशेज सीरीज के आखिरी टेस्ट के पहले दिन सिडनी में 36 साल के पोंटिंग नहीं, बल्कि 24 साल के ख्वाजा मैदान पर उतरे.

पहली गेंद पर दो रन निकालने के बाद ख्वाजा ने दूसरी गेंद को सीधे सीमा पार पहुंचा दिया. इंग्लैंड के खिलाफ इससे अच्छी शुरुआत भला क्या हो सकती थी. इसके बाद पाकिस्तान में जन्मे ख्वाजा ने लगभग फौरन खुद को सिडनी ग्राउंड के लिए एडजस्ट कर लिया और बड़े आराम से बल्लेबाजी करते रहे.

करीब दो घंटे की बल्लेबाजी में ख्वाजा ने 37 रन ही बनाए लेकिन इस दौरान कमेंटेटरों ने उनके खेलने के स्टाइल और उनकी बल्लेबाजी कला की जम कर तारीफ की. ख्वाजा ने 95 गेंदों का सामना किया और पांच चौके लगाए. स्पिन और तेज, दोनों तरह की गेंदबाजी को वे बड़े आसानी से खेलते रहे.

लंच के फौरन बाद ऑस्ट्रेलिया का पहला विकेट 55 रन पर गिरा, जब ओपनर फिलिप ह्यूज आउट हो गए. इसके बाद ख्वाजा मैदान पर उतरे. 1993 के बाद यह पहला मौका है, जब ऑस्ट्रेलिया में किसी खिलाड़ी के करियर की शुरुआत वन डाउन पर हुई है. तब जस्टिन लैंगर को यह मौका मिला था. 1994 में टेस्ट करियर की शुरुआत करने वाले पोंटिंग बड़े लंबे वक्त से तीसरे नंबर पर जमे हैं और उनके चोटिल होने पर ही ख्वाजा को मौका मिल पाया. पर ख्वाजा ने इसे बेकार नहीं जाने दिया.

वैसे ऑस्ट्रेलिया इस सीरीज में जीत का मौका गंवा चुकी है. वह 2-1 से पीछे है और चूंकि पिछला एशेज इंग्लैंड ने जीता था, लिहाजा ट्रॉफी उसी के पास रहेगी. हालांकि ऑस्ट्रेलिया सिडनी में खेले जा रहे पांचवें और आखिरी टेस्ट मैच को जीत कर साल की अच्छी शुरुआत जरूर करना चाहेगा.

रिपोर्टः एजेंसियां/ए जमाल

संपादनः महेश झा

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